परिचय
“राम के तीन दोस्त हैं।”
“कक्षा में पाँच बच्चे बैठे हैं।”
“मेरे पास कई किताबें हैं।”
क्या आपने गौर किया कि इन वाक्यों में तीन, पाँच, और कई शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति की संख्या या मात्रा बता रहे हैं?
यही शब्द “सांख्य वाचक विशेषण” (Sankhya Vachak Visheshan) कहलाते हैं — जो संज्ञा की संख्या या परिमाण बताने का कार्य करते हैं।
आइए जानें विस्तार से — सांख्य वाचक विशेषण क्या होते हैं, इनके प्रकार, पहचान, उदाहरण और रूप निर्माण के नियम।
Sankhya Vachak Visheshan Ki Paribhasha
| विषय | विवरण |
|---|---|
| शब्द | Sankhya Vachak Visheshan (सांख्य वाचक विशेषण) |
| परिभाषा | वे विशेषण जो किसी संज्ञा की संख्या या परिमाण का बोध कराते हैं, उन्हें सांख्य वाचक विशेषण कहते हैं। |
| मुख्य कार्य | संज्ञा शब्द की “गिनती” या “मात्रा” स्पष्ट करना। |
| अंग्रेज़ी में | Numerical Adjectives |
उदाहरण:
-
मेरे पास तीन किताबें हैं।
-
राहुल के दो भाई हैं।
-
खेत में कई मजदूर काम कर रहे हैं।
इन वाक्यों में तीन, दो, कई – सभी संज्ञा की संख्या दर्शाते हैं, इसलिए ये सांख्य वाचक विशेषण हैं।
सांख्य वाचक विशेषण के प्रकार (Sankhya Vachak Visheshan Ke Prakar)
सांख्य वाचक विशेषण दो प्रकार के होते हैं
- निश्चित संख्यावाचक विशेषण(Nishchit Sankhya Vachak Visheshan)
- अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (Anishchit Sankhya Vachak Visheshan)
1. निश्चित संख्यावाचक विशेषण (Nishchit Sankhya Vachak Visheshan)
वे संख्यावाचक विशेषण जो किसी संज्ञा की स्पष्ट और निश्चित संख्या (Exact Number) बताते हैं, उन्हें निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है।
पहचान:
-
ऐसे शब्द से हमें यह ठीक-ठीक पता चलता है कि कितनी वस्तुएँ या कितने व्यक्ति हैं।
-
यह “एक”, “दो”, “तीन”, “चार”, “पाँच”, “दोनों”, “पहला”, “दूसरा” जैसे शब्दों से बनता है।
उदाहरण:
| क्रमांक | वाक्य | निश्चित संख्यावाचक विशेषण | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| 1 | मेरे पास तीन पेन हैं। | तीन | संख्या स्पष्ट बताई गई है। |
| 2 | राहुल के दो भाई हैं। | दो | सटीक गिनती → निश्चित प्रकार। |
| 3 | कक्षा में पाँच विद्यार्थी हैं। | पाँच | निश्चित संख्या का बोध। |
| 4 | मेरे गाँव में सौ घर हैं। | सौ | संख्या स्पष्ट बताता है। |
| 5 | मेरे पास दोनों किताबें हैं। | दोनों | कुल संख्या निश्चित है। |
| 6 | वह पहला स्थान प्राप्त करता है। | पहला | क्रम संख्या निश्चित है। |
सारांश:
जो शब्द किसी वस्तु या व्यक्ति की सटीक गिनती या क्रम बताते हैं, वे निश्चित संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं।
2. अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण (Anishchit Sankhya Vachak Visheshan)
वे संख्यावाचक विशेषण जो किसी संज्ञा की अनिश्चित या अनुमानित संख्या / मात्रा बताते हैं, उन्हें अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहा जाता है।
पहचान:
-
ऐसे शब्दों से हमें संख्या का अनुमान तो मिलता है, पर सटीक गिनती नहीं।
-
ये “कुछ”, “कई”, “बहुत”, “थोड़े”, “अनेक”, “सैकड़ों”, “हजारों” जैसे शब्दों से बनते हैं।
उदाहरण:
| क्रमांक | वाक्य | अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण | व्याख्या |
|---|---|---|---|
| 1 | मेरे पास कई किताबें हैं। | कई | किताबों की सटीक संख्या नहीं बताता। |
| 2 | बगीचे में अनेक फूल खिले हैं। | अनेक | अनुमानित संख्या का बोध। |
| 3 | सड़क पर बहुत गाड़ियाँ चल रही हैं। | बहुत | मात्रा अनिश्चित है। |
| 4 | खेत में थोड़े मजदूर काम कर रहे हैं। | थोड़े | कम संख्या का संकेत, पर सटीक नहीं। |
| 5 | मैदान में सैकड़ों लोग थे। | सैकड़ों | बड़ी संख्या, पर सटीक नहीं। |
| 6 | कक्षा में कुछ विद्यार्थी नहीं आए। | कुछ | अनिश्चित संख्या बताता है। |
सारांश:
जो शब्द किसी वस्तु की अनिश्चित संख्या या अंदाजे मात्र मात्रा बताते हैं, वे अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण कहलाते हैं।
निश्चित व अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण में अंतर
| आधार | निश्चित संख्यावाचक विशेषण | अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण |
|---|---|---|
| 1. अर्थ | संज्ञा की सटीक संख्या या क्रम बताता है | संज्ञा की अनिश्चित या अनुमानित संख्या बताता है |
| 2. पहचान | “कितने?” का सटीक उत्तर देता है | “कितने?” का अनुमानित उत्तर देता है |
| 3. उदाहरण शब्द | एक, दो, तीन, पाँच, पहला, दोनों | कुछ, कई, बहुत, थोड़े, अनेक |
| 4. संख्या की प्रकृति | निश्चित (Fixed) | अनिश्चित (Approximate) |
| 5. प्रयोग | जब संख्या स्पष्ट हो | जब मात्रा का केवल अंदाज़ा हो |
| 6. उदाहरण वाक्य | “मेरे पास दो किताबें हैं।” | “मेरे पास कई किताबें हैं।” |
संख्यावाचक विशेषण पहचानने के नियम (Sankhya Vachak Visheshan Pehchanne Ke Niyam)
वे विशेषण जो किसी संज्ञा की संख्या (Number) या मात्रा (Quantity) बताते हैं, उन्हें सांख्य वाचक विशेषण (Sankhya Vachak Visheshan) कहा जाता है।
अब इन्हें पहचानने के लिए नीचे दिए गए स्पष्ट नियम और ट्रिक्स जानिए
नियम 1: “कितने?” प्रश्न का उत्तर देने वाला शब्द
यदि किसी वाक्य में कोई शब्द “कितने?”, “कितनी?”, या “कितना?” जैसे प्रश्नों का उत्तर देता है, तो वह शब्द सांख्य वाचक विशेषण होता है।
उदाहरण:
-
राम के तीन भाई हैं।
(प्रश्न: राम के कितने भाई हैं? उत्तर: तीन)
“तीन” = Sankhya Vachak Visheshan
नियम 2: संज्ञा की संख्या या परिमाण बताना
जो शब्द संज्ञा की गिनती (Count) या मात्रा (Quantity) दर्शाता है, वही सांख्य वाचक विशेषण कहलाता है।
उदाहरण:
-
मेरे पास कई किताबें हैं।
“कई” किताबों की मात्रा बताता है → Sankhya Vachak Visheshan
नियम 3: वाक्य से संख्या-सूचक शब्द हटाने पर अर्थ अधूरा हो जाए
अगर किसी वाक्य से वह शब्द हटा दिया जाए और वाक्य अधूरा या अस्पष्ट लगे, तो वह शब्द संख्यावाचक विशेषण है।
उदाहरण:
-
कक्षा में बीस विद्यार्थी हैं।
अगर “बीस” हटा दें — “कक्षा में विद्यार्थी हैं।” → अर्थ अधूरा।
इसलिए “बीस” = Sankhya Vachak Visheshan
नियम 4: संज्ञा के पहले आता है
अधिकांश सांख्य वाचक विशेषण संज्ञा के पहले प्रयोग होते हैं।
उदाहरण:
-
चार लड़कियाँ गा रही हैं।
(“चार” संज्ञा “लड़कियाँ” के पहले है → संख्या बताता है → विशेषण है।)
नियम 5: निश्चित और अनिश्चित दोनों रूपों में मिलते हैं
अगर शब्द से स्पष्ट संख्या पता चले → निश्चित संख्यावाचक विशेषण।
अगर केवल अनुमानित मात्रा पता चले → अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण।
उदाहरण:
| प्रकार | उदाहरण | पहचान |
|---|---|---|
| निश्चित | एक, दो, पाँच, सौ | सटीक संख्या |
| अनिश्चित | कुछ, कई, बहुत, थोड़े | अस्पष्ट मात्रा |
नियम 6: क्रमसूचक शब्द भी शामिल होते हैं
“पहला”, “दूसरा”, “तीसरा”, “पाँचवाँ” जैसे क्रम बताने वाले शब्द भी सांख्य वाचक विशेषण हैं, क्योंकि ये किसी वस्तु का क्रम या स्थान संख्या के आधार पर बताते हैं।
उदाहरण:
-
मैं पहली पंक्ति में बैठा हूँ।
“पहली” = क्रम संख्या बताने वाला विशेषण।
नियम 7: अक्सर गिनती या मात्रा सूचक प्रत्ययों से बने होते हैं
कुछ शब्द जैसे “कुछेक”, “अनेकाधिक”, “सैकड़ों”, “हजारों” आदि संख्या या मात्रा को दर्शाने वाले प्रत्ययों (-ओं, -एक) से बनते हैं।
उदाहरण:
-
मैदान में सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए।
“सैकड़ों” = संख्या दर्शाने वाला शब्द → Sankhya Vachak Visheshan
संख्यावाचक विशेषण के 20 उदाहरण (Sankhya Vachak Visheshan Ke 20 Udaharan)
| क्रमांक | वाक्य | संख्यावाचक विशेषण | प्रकार | व्याख्या |
|---|---|---|---|---|
| 1 | मेरे पास तीन किताबें हैं। | तीन | निश्चित | ‘तीन’ किताबों की स्पष्ट संख्या बताता है। |
| 2 | कक्षा में पाँच छात्र उपस्थित हैं। | पाँच | निश्चित | छात्रों की निश्चित संख्या पाँच बताई गई है। |
| 3 | उसने दो पेन खरीदे। | दो | निश्चित | ‘दो’ से पेन की गिनती पता चलती है। |
| 4 | हमारे गाँव में सात मंदिर हैं। | सात | निश्चित | मंदिरों की संख्या सात है। |
| 5 | राम के चार दोस्त हैं। | चार | निश्चित | ‘चार’ से निश्चित संख्या का बोध होता है। |
| 6 | मेरे पास कुछ पैसे हैं। | कुछ | अनिश्चित | सही संख्या नहीं बताई, केवल अनुमान है। |
| 7 | मैदान में कई बच्चे खेल रहे हैं। | कई | अनिश्चित | बच्चों की सही संख्या नहीं बताई गई। |
| 8 | सभी विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। | सभी | अनिश्चित | संख्या नहीं, बल्कि समूह का संकेत है। |
| 9 | उसने एक फूल तोड़ा। | एक | निश्चित | फूल की संख्या निश्चित (एक) है। |
| 10 | आज दोनों भाई आए। | निश्चित (द्विवचन) | निश्चित | ‘दोनों’ से दो व्यक्तियों का संकेत है। |
| 11 | अनेक लोग वहाँ मौजूद थे। | अनेक | अनिश्चित | लोगों की सही संख्या नहीं बताई गई। |
| 12 | मैंने बीस रुपये खर्च किए। | बीस | निश्चित | निश्चित संख्या (बीस रुपये) बताई गई है। |
| 13 | उसने कई बातें कहीं। | कई | अनिश्चित | ‘कई’ से अनुमानित संख्या का संकेत है। |
| 14 | थोड़े लोग बस में बैठे हैं। | थोड़े | अनिश्चित | ‘थोड़े’ से कम संख्या का अनुमान होता है। |
| 15 | एक सौ विद्यार्थी नामांकित हैं। | एक सौ | निश्चित | विद्यार्थियों की गिनती स्पष्ट रूप से 100 है। |
| 16 | मैं पहला स्थान प्राप्त किया। | निश्चित (क्रमवाचक) | निश्चित | क्रम में ‘पहला’ स्थान स्पष्ट करता है। |
| 17 | यह सड़क तीसरी गली तक जाती है। | तीसरी | निश्चित (क्रमवाचक) | क्रम संख्या (तीसरी गली) बताई गई है। |
| 18 | उसने कुछेक दिन यहाँ बिताए। | कुछेक | अनिश्चित | निश्चित संख्या नहीं, केवल अनुमान है। |
| 19 | बहुत से लोग प्रदर्शन में थे। | बहुत से | अनिश्चित | अधिक संख्या का अनुमान देता है। |
| 20 | उसके पास सैकड़ों किताबें हैं। | सैकड़ों | अनिश्चित | बड़ी संख्या का अनुमान देता है। |
संख्यावाचक विशेषण का रूप निर्माण (Sankhya Vachak Visheshan Ka Roop Nirman)
सांख्य वाचक विशेषणों का निर्माण मुख्यतः संख्या-सूचक शब्दों या परिमाण-सूचक शब्दों से होता है।
| स्रोत | उदाहरण | टिप्पणी |
|---|---|---|
| संख्या शब्दों से | एक, दो, तीन, चार | निश्चित संख्यावाचक |
| परिमाण सूचक शब्दों से | कुछ, बहुत, अधिक, अनेक | अनिश्चित संख्यावाचक |
| संज्ञा या सर्वनाम से बने रूप | कोई, सब, प्रत्येक | विशेष स्थिति में संख्या का संकेत देते हैं |
| संयुक्त रूप | कुछेक, अनेकाधिक | संयुक्त सांख्य वाचक रूप |
उदाहरण:
-
“कुछ + एक” → “कुछेक”
-
“अनेक + अधिक” → “अनेकाधिक”
इस प्रकार, रूप निर्माण भाषा में लचीलापन और विविधता पैदा करता है।
🧑🏫 विशेषज्ञ राय
सांख्य वाचक विशेषण भाषा में “स्पष्टता” और “मात्रा का बोध” कराने का सबसे सशक्त माध्यम हैं।
जब कोई बच्चा कहता है — “मेरे पास दो पेन हैं”, तो वह व्याकरण नहीं, बल्कि “सोच की सटीकता” व्यक्त कर रहा होता है।
इसलिए, छात्रों को इस विषय को रटने की बजाय उदाहरणों और प्रयोगों से समझना चाहिए। यह व्याकरण का एक अत्यंत जीवंत और व्यवहारिक हिस्सा है।
निष्कर्ष
Sankhya Vachak Visheshan वे शब्द हैं जो संज्ञा की संख्या या मात्रा का ज्ञान कराते हैं।
इनका प्रयोग हमें भाषा में सटीकता, स्पष्टता और जानकारी की सटीक प्रस्तुति देता है।
याद रखें —
“संख्या जितनी सटीक, अभिव्यक्ति उतनी प्रभावशाली।”
इसलिए, चाहे लेखन हो या बोलचाल — सांख्य वाचक विशेषणों का सही प्रयोग आपकी भाषा को जीवंत और स्पष्ट बनाता है।
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FAQs – सांख्य वाचक विशेषण से संबंधित सामान्य प्रश्न
प्रश्न: सांख्य वाचक विशेषण क्या होता है?
उत्तर: जो विशेषण किसी संज्ञा की संख्या या मात्रा बताते हैं, उन्हें सांख्य वाचक विशेषण कहा जाता है।
प्रश्न: सांख्य वाचक विशेषण के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर: इसके दो प्रकार होते हैं —
-
निश्चित संख्यावाचक विशेषण
-
अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण।
प्रश्न: क्या “कई” शब्द सांख्य वाचक विशेषण है?
उत्तर: हाँ, “कई” शब्द संज्ञा की अनिश्चित संख्या बताता है, इसलिए यह अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण है।
प्रश्न: सांख्य वाचक विशेषण कैसे पहचाने?
उत्तर: ऐसे शब्द जो “कितने?” प्रश्न का उत्तर दें — जैसे एक, दो, पाँच, कई, कुछ — वे Sankhya Vachak Visheshan हैं।
प्रश्न: क्या “पहला”, “दूसरा” भी संख्यावाचक विशेषण है?
उत्तर: हाँ, क्रमसूचक शब्द जैसे पहला, दूसरा, तीसरा भी संख्यावाचक विशेषण की श्रेणी में माने जाते हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी 2025 तक के मानक हिंदी व्याकरण स्रोतों पर आधारित है। पाठक इसे अध्ययन और शिक्षण उपयोग के लिए स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकते हैं।
