परिचय
कभी आपने किसी बच्चे को यह कहते सुना है —
“ये मेरी किताब है… और ये उसकी पेंसिल।”
सुनने में यह एक साधारण-सी बात लगती है, लेकिन वास्तव में यहाँ बच्चे ने अनजाने में हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा इस्तेमाल किया — संबंध व्यक्त करने वाले सर्वनाम शब्द।
इन्हीं शब्दों को हम व्याकरण में कहते हैं — “संबंध वाचक सर्वनाम (sambandh vachak sarvanam)”।
ये शब्द बताते हैं कि कौन-सी वस्तु या व्यक्ति, किसके साथ संबंध रखता है।
sambandh vachak sarvanam Ki Paribhasha
संबंध वाचक सर्वनाम वे सर्वनाम शब्द हैं जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का संबंध किसी अन्य व्यक्ति, वस्तु या स्थान से बताते हैं।
आसान भाषा में:
जो सर्वनाम मालिकाना, संबंध या जुड़ाव दर्शाते हैं, वे संबंध वाचक सर्वनाम कहलाते हैं।
टेबल:
| संबंध वाचक सर्वनाम | अर्थ / उपयोग |
|---|---|
| मेरा | मेरे से संबंधित |
| तुम्हारा / तेरा | तुम्हारे से संबंधित |
| उसका / इसकी | उसके / इसकी वस्तु |
| उनका | कई व्यक्तियों से संबंध |
| हमारा | हमसे संबंधित |
| इसका / इनके | नज़दीक वाले का संबंध |
| आपका | सम्मानपूर्वक आपका संबंध |
संबंध वाचक सर्वनाम के प्रकार (Sambandh Vachak Sarvanam ke prakar)
हालाँकि पारंपरिक व्याकरण में इसके औपचारिक “प्रकार” नहीं बताए जाते, लेकिन शिक्षण में बेहतर समझ के लिए इसे 3 समूहों में समझाया जा सकता है:
टेबल:
| प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. एकवचन संबंध वाचक सर्वनाम | एक व्यक्ति या वस्तु का संबंध दिखाएँ | मेरा, तेरा, उसका, इसकी |
| 2. बहुवचन संबंध वाचक सर्वनाम | कई व्यक्तियों / वस्तुओं का संबंध | हमारे, तुम्हारे, उनके |
| 3. सम्मानवाचक संबंध वाचक सर्वनाम | आदर/सम्मान के साथ संबंध दिखाएँ | आपका, आपके, आपकी |
संबंध वाचक सर्वनाम पहचानने के नियम (Sambandh Vachak Sarvanam Pehchanne Ke Niyam)
नियम 1: वाक्य में “किसका?” पूछें
यह सबसे आसान और पक्का तरीका है।
उदाहरण
वाक्य:
यह किताब मेरी है।
प्रश्न: किताब किसकी है?
उत्तर: मेरी → इसलिए “मेरी” संबंध वाचक सर्वनाम।
नियम 2: इन शब्दों पर ध्यान दें — “का / के / की”
अधिकतर संबंध वाचक सर्वनाम “का / के / की” रूप में मिलते हैं:
-
मेरा
-
उसकी
-
उनके
-
आपका
ये सभी संबंध/स्वामित्व दिखाते हैं।
नियम 3: हमेशा किसी संज्ञा से पहले आते हैं
संबंध वाचक सर्वनाम केवल संबंध बताते हैं, और इसके बाद हमेशा कोई संज्ञा आती है।
उदाहरण
-
मेरी किताब
-
उसका घर
-
आपका बैग
यहाँ मेरी/उसका/आपका के तुरंत बाद संज्ञा है।
इससे पहचान आसान हो जाती है।
नियम 4: ये शब्द अकेले पूरा अर्थ नहीं देते
संबंध वाचक सर्वनाम को समझने के लिए उसके बाद की संज्ञा जरूरी होती है।
उदाहरण
यदि कोई कहे — “मेरी…”
तो वाक्य अधूरा है।
लेकिन यदि बोले — “मेरी पेंसिल”
तो पूरा संबंध समझ आता है।
नियम 5: संबंध या स्वामित्व हमेशा दिखाएगा
जहाँ भी वाक्य में कोई “चीज़ किसकी है?” जैसा अर्थ मिलेगा — समझो यह संबंध वाचक सर्वनाम है।
उदाहरण
-
यह हमारा देश है। → देश किसका? हमारा
-
यह मोबाइल तुम्हारा है। → मोबाइल किसका? तुम्हारा
-
वह बैग उनका है। → बैग किसका? उनका
हर जगह संबंध/मालिकाना संबंध है।
नियम 6: वाक्य में प्रायः “मेरे / तेरे / उसके / उनके” जैसे शब्द पाए जाते हैं
ये सभी सीधे-सीधे संबंध वाचक सर्वनाम के संकेत हैं।
त्वरित पहचान ट्रिक (1 लाइन में याद रखो)
“किसका-किसकी-किसके पूछो → जो शब्द मिले वही संबंध वाचक सर्वनाम।”
संबंध वाचक सर्वनाम के 20+ उदाहरण (Sambandh Vachak Sarvanam Ke 20 Udaharan)
-
-
यह पेन मेरी बहन का है।
-
वह किताब उसकी बहुत पसंदीदा है।
-
यह कमरा हमारा है, इसमें कोई और नहीं आएगा।
-
यह चाबी तुम्हारी नहीं लगती।
-
उनका घर स्कूल के सामने है।
-
मैं आज अपने दोस्त से मिलने जाऊँगा।
-
यह साइकिल तेरी है या किसी और की?
-
यह मोबाइल मेरे पापा का है।
-
यह जीत हमारी टीम की मेहनत का नतीजा है।
-
यह पर्स इसकी टेबल पर मिला था।
-
वह बैग आपका बहुत सुंदर है।
-
उनकी सोच बहुत सकारात्मक है।
-
यह खेत हमारे दादा जी के हैं।
-
यह फोटो मेरी पुरानी यादों की है।
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यह घड़ी उसके दादाजी ने दी थी।
-
यह निर्णय पूरी तरह आपकी पसंद पर है।
-
यह खेल उनके बच्चों ने बनाया है।
-
यह जूता मेरे पैर में छोटा है।
-
यह टोपी तुम्हारी बहन की है।
-
यह परीक्षा हमारा आत्मविश्वास बढ़ाती है।
-
यह पत्र उसके नाम लिखा गया था।
-
यह शहर हमारे राज्य का सबसे बड़ा शहर है।
-
यह फूल आपकी मेहनत की खुशबू है।
-
संबंध वाचक सर्वनाम का रूप निर्माण (Sambandh Vachak Sarvanam Ka Rup Nirman)
कैसे बनते हैं ये रूप?
संबंध वाचक सर्वनाम मुख्य रूप से सर्वनाम + का/के/की के मेल से बनते हैं।
रूप निर्माण टेबल
| मूल सर्वनाम | + का/के/की | संबंध वाचक सर्वनाम |
|---|---|---|
| मैं | + का | मेरा |
| तू/तुम | + का | तेरा / तुम्हारा |
| वह | + का | उसका |
| यह / यह | + की | इसकी |
| वे | + के | उनके |
| हम | + का | हमारा |
| आप | + का | आपका |
गौर करने लायक बातें:
-
“का” पुल्लिंग, “की” स्त्रीलिंग और “के” बहुवचन/सम्मान में उपयोग होता है।
-
यह केवल लिंग और वचन के अनुसार बदलता है, अर्थ समान रहता है — संबंध।
विशेषज्ञ राय
Sambandh Vachak Sarvanam समझने में कठिनाई इसलिए होती है क्योंकि वे इसे अन्य सर्वनामों से अलग नहीं कर पाते।
सुझाव है:
-
हमेशा “किसका?” प्रश्न पूछें—यही जादुई चाबी है।
-
उदाहरणों को पढ़ते समय सर्वनाम को “ठोस चीज़” से जोड़कर सोचें, जैसे:
मेरा = मेरे पास की चीज़
उसका = उसके पास की चीज़
यह तरीका सीखने की प्रक्रिया को बेहद सरल और मज़ेदार बना देता है।
निष्कर्ष
Sambandh Vachak Sarvanam (संबंध वाचक सर्वनाम) छोटी-सी चीज़ लगते हैं, लेकिन भाषा में संबंध, भावनाएँ और जुड़ाव व्यक्त करने के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
अब जब आपने इसकी परिभाषा, रूप, प्रकार, उदाहरण, नियम और पहचान की ट्रिक्स जान ली हैं —
तो आप किसी भी वाक्य में इन्हें आसानी से पहचान सकेंगे।
याद रखिए:
“जिस भाषा की बुनियाद मजबूत होती है, उसके विचार भी उतने ही स्पष्ट होते हैं।”
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FAQs — संबंध वाचक सर्वनाम से जुड़े 5 सामान्य प्रश्न
1. Sambandh Vachak Sarvanam क्या होता है?
वे सर्वनाम जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान का संबंध या स्वामित्व (ownership) बताते हैं।
जैसे — मेरा, उसका, तुम्हारा, इसका, उनका, हमारा आदि।
2. संबंध वाचक सर्वनाम पहचानने का सबसे आसान तरीका क्या है?
वाक्य में “किसका / किसकी / किसके?” पूछें।
जो शब्द उत्तर में मिलता है, वही संबंध वाचक सर्वनाम होता है।
3. क्या संबंध वाचक सर्वनाम के रूप बदलते हैं?
हाँ, ये लिंग (का/की) और वचन (के) के अनुसार बदलते हैं।
जैसे —
-
उसका (पुल्लिंग)
-
उसकी (स्त्रीलिंग)
-
उनके (बहुवचन)
4. क्या “आपका” भी संबंध वाचक सर्वनाम है?
बिल्कुल।
यह संबंध भी बताता है और सम्मान भी व्यक्त करता है।
5. संबंध वाचक सर्वनाम हमेशा संज्ञा से पहले आते हैं क्या?
ज्यादातर हाँ।
ये सामान्यतः संज्ञा के पहले आते हैं — जैसे
-
मेरा घर
-
उसकी किताब
-
आपके सवाल
लेकिन बोलचाल में ये वाक्य के अंत में भी आ सकते हैं —
“यह पेन मेरा है।”
6. क्या “अपना / अपने / अपनी” भी संबंध वाचक सर्वनाम है?
हाँ।
ये भी स्व-सम्बंध (self relation) बताते हैं, इसलिए ये भी संबंध वाचक सर्वनाम माने जाते हैं।
7. क्या सभी “का/के/की” वाले शब्द Sambandh Vachak Sarvanam होते हैं?
नहीं।
कई शब्द में “का/के/की” हो सकता है लेकिन संबंध वाचक नहीं होते।
जैसे —
-
लाल का फूल
यहाँ “लाल” विशेषण है, सर्वनाम नहीं।Sambandh Vachak Sarvanam
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। उदाहरण और व्याख्या सरलता के लिए बनाए गए हैं। शैक्षणिक बोर्ड या पाठ्यपुस्तकों के अनुसार शब्दों का प्रयोग कुछ स्थानों पर अलग हो सकता है।
