परिचय
कभी आपने गौर किया है कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार किसी काम की मात्रा, स्तर, या कितना जैसे भाव बताते हैं—
जैसे:
-
आज मौसम बहुत ठंडा है।
-
वह थोड़ा तेज बोल रहा है।
-
मैं काफी देर से इंतजार कर रहा हूँ।
इन वाक्यों में “बहुत”, “थोड़ा”, “काफी” जैसे शब्द बताते हैं कि काम कितनी मात्रा में हुआ।
और यही होते हैं — परिमाण सूचक / परिमाण वाचक क्रिया विशेषण (Pariman Vachak Kriya Visheshan).
आज के लेख में हम इसे सबसे सरल भाषा में समझेंगे, ताकि छात्र, शिक्षक और हर पाठक आसानी से समझ सके।
Pariman Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha
वे क्रिया विशेषण जो किसी कार्य, गुण या अवस्था की मात्रा, स्तर, सीमा या डिग्री का बोध कराते हैं, उन्हें परिमाण वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।
इन्हें पढ़कर वाक्य में यह पता चलता है कि कोई काम कितना, कितनी मात्रा में, किस स्तर तक, या कितनी तीव्रता से हुआ।
टेबल: परिभाषा + उदाहरण
| अवधारणा | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|
| परिमाण | कार्य की मात्रा/स्तर बताना | वह बहुत खुश है। |
| सीमा | कितनी हद तक | पानी थोड़ा ठंडा है। |
| तीव्रता | कार्य कितनी तेजी/धीरे हुआ | वह काफी तेज भागा। |
परिमाण वाचक क्रिया विशेषण के प्रकार (Pariman Vachak Kriya Visheshan Ke Prakar)
| प्रकार | विवरण | सामान्य शब्द |
|---|---|---|
| 1. मात्रा सूचक | कितना या कितनी मात्रा में | बहुत, थोड़ा, अधिक |
| 2. डिग्री सूचक (Intensity Adverbs) | तीव्रता/स्तर | अत्यंत, अत्यधिक, बेहद |
| 3. सीमा सूचक | कितनी हद तक | लगभग, करीब-करीब |
| 4. परिमाण सूचक निषेध | मात्रा कम होना या न होना | बिलकुल नहीं, ज़रा भी नहीं |
परिमाण वाचक क्रिया विशेषण पहचानने के नियम (Pariman Vachak Kriya Visheshan Pehchanne Ke Niyam)
1. “कितना?” सवाल पूछें — सबसे आसान नियम
वाक्य में क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रिया विशेषण से कितना? पूछें।
यदि जवाब मिलता है, तो वह शब्द परिमाण वाचक क्रिया विशेषण है।
उदाहरण:
-
वह बहुत खुश है।
→ खुश कितना? = बहुत
(इसलिए “बहुत” परिमाण वाचक है)
2. मात्रा, स्तर या तीव्रता बताने वाले शब्द हों
ऐसे शब्द जो बताते हैं कि कार्य या गुण कितनी मात्रा में है:
बहुत, थोड़ा, काफी, अत्यधिक, बेहद, कम, ज्यादा, पूरी तरह, आंशिक रूप से
ये सभी Pariman Vachak Kriya Visheshan को दर्शाते हैं।
3. क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रिया विशेषण को प्रभावित करें
यदि कोई शब्द किसी क्रिया, विशेषण, या अन्य क्रिया विशेषण की मात्रा/स्तर बदल रहा हो → वह परिमाण वाचक है।
A. क्रिया पर प्रभाव
-
वह काफी तेज भागा।
→ “तेज” कितनी? = काफी
B. विशेषण पर प्रभाव
-
वह बहुत सुंदर है।
→ सुंदर कितना? = बहुत
C. दूसरे क्रिया विशेषण पर प्रभाव
-
वह अत्यंत धीरे बोलता है।
→ धीरे कितना? = अत्यंत
4. ‘मात्रा’ या ‘परिमाण’ का संकेत मिले
यदि शब्द से निम्न अर्थ मिले:
✔ अधिक / कम
✔ पूरी तरह / आधा
✔ लगभग / करीब
✔ बेहद / अत्यंत
तो वह परिमाण वाचक है।
5. सीमा दर्शाने वाले शब्द भी इसी श्रेणी में आते हैं
जैसे:
लगभग, करीब-करीब, थोड़ा-सा, बिलकुल नहीं, ज़रा भी नहीं
ये बताते हैं कि क्रिया या गुण कितनी हद तक हुआ।
6. ‘तीव्रता’ बढ़ाने या घटाने वाले शब्द देखें
यदि शब्द क्रिया/गुण की तीव्रता बढ़ाए या घटाए:
जैसे —
बेहद, अत्यधिक, बहुत ज्यादा, लगभग नहीं, थोड़ा-सा
→ यह परिमाण वाचक क्रिया विशेषण है।
7. नकारात्मक मात्रा वाले शब्द भी शामिल हैं
ऐसे शब्द जो कमी या “शून्य परिमाण” दर्शाते हैं:
बिलकुल नहीं, कदापि नहीं, ज़रा भी नहीं
→ ये भी परिमाण वाचक क्रिया विशेषण हैं क्योंकि ये “मात्रा = 0” बताते हैं।
8. प्रत्यय पहचान
कुछ परिमाण वाचक शब्द इन प्रत्ययों से पहचाने जाते हैं:
| प्रत्यय | उदाहरण | संकेत |
|---|---|---|
| –रूप से | आंशिक रूप से | मात्रा/स्तर |
| –भर | थोड़ा-भर | सीमा |
| –तया | अत्यन्ततया | तीव्रता |
परिमाण वाचक क्रिया विशेषण — 20 उदाहरण (Pariman Vachak Kriya Visheshan- 20 Udaharan)
| क्रम | वाक्य | परिमाण वाचक क्रिया विशेषण (Underline) | यह क्या बताता है? |
|---|---|---|---|
| 1 | वह आज बहुत प्रसन्न है। | बहुत | मात्रा/स्तर |
| 2 | पानी थोड़ा गर्म है। | थोड़ा | कम मात्रा |
| 3 | मैं तुमसे काफी प्रभावित हूँ। | काफी | अच्छी मात्रा |
| 4 | मौसम बेहद ठंडा है। | बेहद | तीव्रता/अधिक |
| 5 | उसने काम पूरी तरह पूरा किया। | पूरी तरह | सीमा (पूर्णता) |
| 6 | वह अत्यंत धीरे बोलता है। | अत्यंत | अधिक स्तर |
| 7 | बच्चे कुछ-कुछ डर गए थे। | कुछ-कुछ | हल्की मात्रा |
| 8 | यह बात काफी महत्वपूर्ण है। | काफी | मात्रा/महत्व |
| 9 | वह बिलकुल नहीं आया। | बिलकुल | शून्य मात्रा |
| 10 | कीमतें आज बहुत ज्यादा बढ़ गईं। | बहुत ज्यादा | अत्यधिक मात्रा |
| 11 | मैं इस विषय से थोड़ा-सा परिचित हूँ। | थोड़ा-सा | कम स्तर |
| 12 | वह कम बोलता है। | कम | कम मात्रा |
| 13 | काम आंशिक रूप से पूरा हुआ। | आंशिक रूप से | अधूरी सीमा |
| 14 | वह लगभग तैयार था। | लगभग | करीब-करीब मात्रा |
| 15 | स्वाद बहुत कम बदल गया है। | बहुत कम | न्यून मात्रा |
| 16 | वह काफी तेज भागा। | काफी | तीव्रता/स्तर |
| 17 | राम अत्यधिक थक गया। | अत्यधिक | बहुत अधिक मात्रा |
| 18 | कमरे में रोशनी थोड़ी-सी कम है। | थोड़ी-सी | कम मात्रा |
| 19 | तुमने मुझे ज़रा भी नहीं बताया। | ज़रा भी | शून्य/बहुत कम मात्रा |
| 20 | यह काम पूरी तरह सुरक्षित है। | पूरी तरह | पूर्ण स्त |
परिमाण वाचक क्रिया विशेषण का रूप निर्माण (Pariman Vachak Kriya Visheshan Ka Rup Nirman)
यह शब्द 3 प्रमुख स्रोतों से बनते हैं—
1. विशेषण से
उदाहरण:
-
बड़ा → बेहद
-
तीव्र → अत्यंत
-
कम → थोड़ा
2. संज्ञा + अव्यय
उदाहरण:
-
आंशिक + रूप से → आंशिक रूप से
-
पूरा + तरह → पूरी तरह
3. क्रिया से बने परिमाण वाचक रूप
उदाहरण:
-
कम (कर्म या क्रिया का स्तर)
-
बढ़कर (क्रिया पर मात्रा दिखाती है)
विशेषज्ञ राय
Pariman Vachak Kriya Visheshan छात्रों के लिए बेहद उपयोगी विषय है—क्योंकि यह वाक्य के अर्थ को स्पष्ट, प्रभावी और सटीक बनाता है।
अच्छा लेखक या वक्ता वही है जो मात्रा और तीव्रता को सही शब्दों में व्यक्त कर पाए।
इसलिए इन शब्दों का अध्ययन केवल परीक्षा नहीं बल्कि जीवन भर काम आता है।
निष्कर्ष
Pariman Vachak Kriya Visheshan (परिमाण वाचक क्रिया विशेषण) भाषा को भावपूर्ण, स्पष्ट और प्रभावशाली बनाते हैं।
यह बताते हैं कि कोई काम कितना, कितनी मात्रा में, या किस स्तर तक हुआ।
यदि आप इन शब्दों का सही प्रयोग सीख लेते हैं, तो आपकी लेखन और बोलने की क्षमता दोनों ही बेहतरीन हो जाएंगी।
याद रखिए — मात्रा का सही उपयोग ही भाषा को असरदार बनाता है।
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FAQs: Pariman Vachak Kriya Visheshan (8 प्रश्न–उत्तर)
1. Pariman Vachak Kriya Visheshan क्या होता है?
वे क्रिया विशेषण जो किसी क्रिया, विशेषण या अवस्था की मात्रा, स्तर, सीमा या कितना को व्यक्त करें, उन्हें परिमाण वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।
2. “बहुत” और “थोड़ा” किस प्रकार के क्रिया विशेषण हैं?
दोनों परिमाण वाचक क्रिया विशेषण हैं, क्योंकि ये बताते हैं कि क्रिया/गुण कितनी मात्रा में है।
3. परिमाण वाचक क्रिया विशेषण कैसे पहचानें?
सबसे आसान तरीका:
वाक्य में ‘कितना?’ पूछें → जो शब्द उत्तर देता है वही परिमाण वाचक क्रिया विशेषण है।
4. क्या यह केवल क्रिया पर असर डालते हैं?
नहीं। ये क्रिया, विशेषण, और अन्य क्रिया विशेषण — तीनों पर प्रभाव डालते हैं।
उदाहरण:
-
बहुत सुंदर (विशेषण पर प्रभाव)
-
काफी जल्दी (क्रिया विशेषण पर प्रभाव)
5. परिमाण वाचक क्रिया विशेषण के कुछ प्रमुख उदाहरण बताओ।
बहुत, थोड़ा, काफी, अत्यंत, बेहद, पूरी तरह, लगभग, आंशिक रूप से, बिलकुल, ज़रा भी।
6. क्या “बिलकुल नहीं” भी Pariman Vachak Kriya Visheshan है?
हाँ।
यह शून्य मात्रा दर्शाता है, इसलिए यह भी परिमाण वाचक क्रिया विशेषण की श्रेणी में आता है।
7. परिमाण वाचक क्रिया विशेषण का प्रयोग क्यों महत्वपूर्ण है?
क्योंकि यह वाक्य को अधिक स्पष्ट, प्रभावशाली और भावपूर्ण बनाते हैं।
ये बताते हैं कि कार्य कितनी मात्रा में हुआ—जो अर्थ की सटीकता बढ़ाता है।
8. परीक्षा में Pariman Vachak Kriya Visheshan याद रखने का आसान ट्रिक क्या है?
ट्रिक:
“बहुत–थोड़ा–काफी–बेहद–अत्यंत” → पाँच मुख्य परिमाण संकेतक शब्द
इन्हें याद रखें, बाकियों को पहचानना आसान हो जाएगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख शिक्षा उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है।
इसमें दी गई जानकारी 2025 तक उपलब्ध मानदंडों और व्याकरणिक संदर्भों पर आधारित है।
