परिचय
कभी आपने सोचा है कि हम बोलते समय “बहुत तेज़”, “धीरे-धीरे”, “आज”, “यहाँ”, “अचानक” जैसे शब्द क्यों इस्तेमाल करते हैं?
मान लीजिए:
“राधा तेज़ दौड़ती है।”
यहाँ दौड़ती है एक क्रिया है, लेकिन तेज़ क्या है? — यही वह शब्द है जो क्रिया को और स्पष्ट करता है।
यहीं से शुरू होता है हमारा आज का विषय —
“kriya visheshan ki paribhasha”, यानी ऐसे शब्द जो क्रिया, विशेषण, या अन्य क्रिया-विशेषणों के बारे में अतिरिक्त जानकारी देते हैं।
छात्रों को आसान, सरल और उदाहरण-आधारित व्याकरण चाहिए, इसी को ध्यान में रखते हुए यह लेख तैयार किया गया है।
Kriya Visheshan ki Paribhasha
| विषय | परिभाषा |
|---|---|
| kriya visheshan ki paribhasha | वे शब्द जो क्रिया, विशेषण, या अन्य क्रिया-विशेषणों के ढंग, समय, स्थान, संख्या या कारण आदि के बारे में जानकारी दें, उन्हें क्रिया-विशेषण (Adverb) कहते हैं। |
सरल शब्दों में:
क्रिया-विशेषण वे शब्द हैं जो बताते हैं — “कैसे?”, “कब?”, “कहाँ?”, “कितना?”, “क्यों?” किसी कार्य के बारे में।
क्रिया-विशेषण के प्रकार (Kriya Visheshan Ke Prakar)
1. कालवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा (Kaal Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha)
वे शब्द जो बताते हैं कि कार्य कब हुआ, कब होता है या कब होगा, उन्हें कालवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।
कैसे पहचानें?
ऐसे शब्द जो इन प्रश्नों का उत्तर दें —
“कब?”, “किस समय?”, “किस दिन?”
उदाहरण:
-
आज
-
कल
-
अभी
-
पहले
वाक्य उदाहरण:
-
वह आज स्कूल गया।
-
मैं अभी खाना खा रहा हूँ।
-
हम कभी-कभी पार्क जाते हैं।
-
वह देर से पहुँची।
2. रीतिवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा (Ritivachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha)
वे शब्द जो बताते हैं कि कार्य किस प्रकार या कैसे हुआ, उन्हें रीतिवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।
कैसे पहचानें?
ऐसे शब्द जो उत्तर दें —
“कैसे?”, “किस ढंग से?”, “किस तरीके से?”
आम प्रत्यय (suffix):
-
–से
-
–पूर्वक
-
–रूप से
-
पुनरुक्ति (धीरे-धीरे, साफ-साफ)
उदाहरण:
-
धीरे
-
तेजी से
-
प्रेमपूर्वक
-
हँसकर
वाक्य उदाहरण:
-
वह धीरे-धीरे चल रहा है।
-
बच्चे जोर से हँसे।
-
शिक्षक ने बात स्पष्ट रूप से समझाई।
-
उसने मेहमानों का प्रेमपूर्वक स्वागत किया।
3. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा (Sthan Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha)
वे शब्द जो बताते हैं कि कार्य कहाँ हुआ या कहाँ हो रहा है, उन्हें स्थानवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।
कैसे पहचानें?
ऐसे शब्द जो उत्तर दें —
“कहाँ?”, “किधर?”, “किस स्थान पर?”
उदाहरण:
-
यहाँ
-
वहाँ
-
ऊपर
-
पास
वाक्य उदाहरण:
-
वह यहाँ बैठा है।
-
बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
-
पक्षी ऊपर उड़ रहे हैं।
-
किताब सामने रखी है।
4. परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा (Pariman Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha)
वे शब्द जो बताते हैं कि किसी कार्य, विशेषण या क्रिया-विशेषण की मात्रा कितनी है, उन्हें परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।
कैसे पहचानें?
ये शब्द प्रश्नों का उत्तर देते हैं:
“कितना?”, “कितनी मात्रा में?”, “किस स्तर तक?”
यह क्रिया के साथ-साथ विशेषण को भी modify करते हैं।
उदा: बहुत सुंदर (यहाँ “बहुत” परिमाणवाचक)
उदाहरण:
-
बहुत
-
थोड़ा
-
काफी
-
अत्यधिक
वाक्य उदाहरण:
-
वह बहुत तेज दौड़ता है।
-
पानी थोड़ा बचा है।
-
वह आज काफी खुश है।
-
यह काम पूरी तरह पूरा हो गया।
सारांश
| प्रकार | क्या बताता है | प्रश्न | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| कालवाचक | समय | कब? | आज, कल, अभी |
| रीतिवाचक | ढंग/तरीका | कैसे? | धीरे, तेजी से |
| स्थानवाचक | स्थान | कहाँ? | यहाँ, वहाँ |
| परिमाणवाचक | मात्रा/स्तर | कितना? | बहुत, थोड़ा |
क्रिया विशेषण पहचानने के नियम (Kriya Visheshan Pehchanne Ke Niyam)
1. “कैसे?”, “कब?”, “कहाँ?”, “कितना?”, “क्यों?”— इन सवालों का जवाब दे तो क्रिया-विशेषण
यह सबसे आसान और प्राथमिक नियम है।
उदाहरण:
-
वह कैसे चलता है? → धीरे
-
वह कब आएगा? → कल
-
वह कहाँ गया? → बाहर
-
वह कितना खुश है? → बहुत
-
तुम क्यों रो रहे हो? → क्योंकि (कभी-कभी वजह बताने वाला)
2. जो शब्द क्रिया को और स्पष्ट करे → क्रिया-विशेषण
यदि कोई शब्द क्रिया कैसे, कब, कहाँ, किस ढंग से हो रही है, यह बताए, तो वह adverb है।
उदाहरण:
-
वह तेजी से दौड़ता है।
(यह “दौड़ता है” क्रिया को modify कर रहा है)
3. जो शब्द विशेषण या दूसरे क्रिया-विशेषण को modify करे → भी क्रिया-विशेषण
उदाहरण:
-
वह बहुत सुंदर है। (बहुत → सुंदर को modify कर रहा है)
-
वह बहुत तेजी से भागा।
4. ऐसे शब्द जिनका अंत अक्सर इन प्रत्ययों से हो → क्रिया-विशेषण
सामान्य प्रत्यय :
-
–से → धीरे-से, प्यार-से, जल्दी-से
-
–कर → बार-बार, फिर-फिर
-
–ही → तभी-ही, अभी-ही
-
–पूर्वक → प्रेमपूर्वक, आदरपूर्वक
-
–रूप से → स्पष्ट रूप से, जोर से
जहाँ –से, –कर, –पूर्वक आते हैं, वहाँ adverb होने की संभावना बहुत अधिक होती है।
5. पुनरुक्ति (दोहराए हुए शब्द) प्रायः क्रिया-विशेषण होते हैं
जैसे:
-
धीरे-धीरे
-
जल्दी-जल्दी
-
साफ-साफ
-
प्यार-प्यार
ये हमेशा रीतिवाचक क्रिया-विशेषण के रूप में काम करते हैं।
6. समय, स्थान, मात्रा, तरीका बताने वाले शब्द अधिकांशतः क्रिया-विशेषण
अगर शब्द निम्न श्रेणियों में आता हो, तो वह क्रिया-विशेषण होता है:
समय (कब?)
आज, कल, अभी, हमेशा, कभी-कभी
स्थान (कहाँ?)
यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, बाहर
रीति (कैसे?)
धीरे, तेजी से, स्पष्ट रूप से
परिमाण (कितना?)
बहुत, थोड़ा, काफी, पूरी तरह
7. नकारात्मक शब्द “नहीं”, “मत” → हमेशा क्रिया-विशेषण
क्योंकि ये क्रिया की निषेध अवस्था बताते हैं।
उदाहरण:
-
वह नहीं आएगा।
-
मत जाओ।
8. प्रश्नवाचक शब्द—कब, कहाँ, क्यों, कैसे → वाक्य में क्रिया-विशेषण
यदि ये सवाल क्रिया के बारे में पूछे जा रहे हों।
उदाहरण:
-
तुम कहाँ जा रहे हो?
-
वह क्यों हँस रहा है?
9. जो शब्द वाक्य में “कार्य का तरीका” बताए → क्रिया-विशेषण
यदि शब्द कार्य की quality या ढंग बताता है, तो adverb है।
उदाहरण:
-
वह शांति से सो रहा है।
-
उसने धीरे से दरवाज़ा खोला।
10. यदि शब्द हटाने पर वाक्य का मूल अर्थ बदल जाए, लेकिन वाक्य फिर भी पूरा हो—तो वह अक्सर क्रिया-विशेषण
उदाहरण:
-
वह जल्दी आया।
“जल्दी” हटाएँ → “वह आया।”
वाक्य तो सही है, पर “कब आया” की जानकारी खत्म हो गई।
क्रिया विशेषण के — 24 उदाहरण (Kriya Visheshan Ke 24 Udaharan)
| क्रम | वाक्य | क्रिया-विशेषण (Underline) | प्रकार |
|---|---|---|---|
| 1 | वह धीरे चलता है। | धीरे | रीतिवाचक |
| 2 | वह आज स्कूल गया। | आज | कालवाचक |
| 3 | बच्चा बाहर खेल रहा है। | बाहर | स्थानवाचक |
| 4 | वे बहुत तेज हैं। | बहुत | परिमाणवाचक |
| 5 | पक्षी ऊपर उड़ रहे हैं। | ऊपर | स्थानवाचक |
| 6 | वह कभी-कभी हँसती है। | कभी-कभी | कालवाचक |
| 7 | उसने काम जल्दी किया। | जल्दी | रीतिवाचक |
| 8 | तुम यहाँ आओ। | यहाँ | स्थानवाचक |
| 9 | वह शायद आए। | शायद | संभावनावाचक |
| 10 | मैं अभी आता हूँ। | अभी | कालवाचक |
| 11 | उसने बार-बार कोशिश की। | बार-बार | रीतिवाचक |
| 12 | तुम मत जाओ। | मत | निषेधवाचक |
| 13 | वह फिर से आया। | फिर | कालवाचक |
| 14 | वह धीरे-धीरे लिख रहा है। | धीरे-धीरे | रीतिवाचक |
| 15 | वह काफी खुश है। | काफी | परिमाणवाचक |
| 16 | तुम सामने खड़े हो। | सामने | स्थानवाचक |
| 17 | मैं लगभग काम पूरा कर चुका हूँ। | लगभग | परिमाणवाचक |
| 18 | वह हमेशा सच बोलता है। | हमेशा | कालवाचक |
| 19 | वह जोर से बोली। | जोर से | रीतिवाचक |
| 20 | वह बिल्कुल नहीं डरा। | बिल्कुल | परिमाणवाचक |
| 21 | वह तभी आया था। | तभी | कालवाचक |
| 22 | वे पास ही रह रहे हैं। | पास | स्थानवाचक |
| 23 | उसने काम सही तरह से किया। | सही तरह से | रीतिवाचक |
| 24 | कविता अचानक रुक गई। | अचानक | कालवाचक |
क्रिया विशेषण का रूप निर्माण (Kriya Visheshan Ka Roop Nirman)
1. विशेषण से क्रिया-विशेषण
-
तेज → तेजी से
-
खुश → खुशी-से
-
साफ → साफ-साफ
2. क्रिया मूल से
-
चल → चलकर
-
बोल → बोलकर
-
गा → गाकर
3. संज्ञा + विभक्ति जोड़कर
-
दिन → दिनभर
-
रात → रातभर
4. अव्यय से
-
अब → अभी
-
तब → तभी
5. पुनरुक्ति से
-
धीरे-धीरे
-
कम-कम
-
पास-पास
विशेषज्ञ राय
Kriya Visheshan Ki Paribhasha वह व्याकरणिक तत्व है जो वाक्य में गहराई, स्पष्टता और प्रभाव जोड़ता है।
मैं हमेशा छात्रों से कहती हूँ —
“अगर आप क्रिया-विशेषण समझ गए तो वाक्य-रचना पर आपकी पकड़ मजबूत हो जाएगी।”
2025 के नए शैक्षिक पैटर्न में भी क्रिया-विशेषण को समझना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि यह रचनात्मक लेखन, निबंध, भाषण, और प्रश्न-उत्तर में अत्यंत उपयोगी है।
निष्कर्ष
अब तक आपने सीखा कि kriya visheshan ki paribhasha, (क्रिया-विशेषण) उसके प्रकार, नियम, उदाहरण और निर्माण प्रक्रिया कितनी आसान है।
अगर आप रोज़मर्रा की भाषा में क्रिया-विशेषण को पहचानना शुरू कर दें, तो आपके वाक्य और भी आकर्षक और प्रभावशाली बन जाएंगे।
याद रखें:
“सही शब्द चुनना ही प्रभावशाली भाषा की असली कला है।”
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FAQs (5 प्रश्न–उत्तर)
1. kriya visheshan ki paribhasha हैं?
क्रिया-विशेषण वह शब्द होता है जो क्रिया, विशेषण या दूसरे क्रिया-विशेषण के बारे में अतिरिक्त जानकारी देता है जैसे— कैसे, कब, कहाँ, कितना।
2. क्या सभी “–से” वाले शब्द क्रिया-विशेषण होते हैं?
अधिकांश “–से” से समाप्त होने वाले शब्द क्रिया-विशेषण होते हैं (जैसे: धीरे-से, प्यार-से),
लेकिन हर “–से” वाला शब्द क्रिया-विशेषण नहीं होता।
अर्थ के आधार पर पहचान जरूरी है।
3. क्रिया-विशेषण और विशेषण में क्या अंतर है?
-
विशेषण किसी संज्ञा की विशेषता बताते हैं।
-
क्रिया-विशेषण क्रिया/विशेषण/अन्य क्रिया-विशेषण की विशेषता बताते हैं।
उदाहरण:
-
सुंदर लड़की — सुंदर (विशेषण)
-
वह धीरे चलती है — धीरे (क्रिया-विशेषण)
4. क्या “नहीं” हमेशा क्रिया-विशेषण होता है?
हाँ, “नहीं” और “मत” हमेशा निषेधवाचक क्रिया-विशेषण माने जाते हैं, क्योंकि ये क्रिया को नकारते हैं।
5. क्या क्रिया-विशेषण केवल क्रिया को ही प्रभावित करता है?
नहीं, क्रिया-विशेषण विशेषण और अन्य क्रिया-विशेषण को भी modify कर सकता है।
उदाहरण:
-
बहुत सुंदर (बहुत → विशेषण)
-
बहुत तेजी से (बहुत → क्रिया-विशेषण)
6. क्रिया-विशेषण कैसे पहचाने? (सबसे आसान तरीका)
यदि कोई शब्द कैसे, कब, कहाँ, कितना, क्यों में से किसी प्रश्न का उत्तर देता हो, तो वह लगभग निश्चित रूप से क्रिया-विशेषण है।
7. क्रिया-विशेषण के मुख्य प्रकार कितने हैं?
सामान्यतः क्रिया-विशेषण के मुख्य 4 प्रकार पढ़ाए जाते हैं—
-
कालवाचक (समय)
-
स्थानवाचक (स्थान)
-
रीतिवाचक (ढंग/तरीका)
-
परिमाणवाचक (मात्रा/स्तर)
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक और शिक्षण उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है।
व्याकरणिक जानकारी को 2025 तक के उपलब्ध मानकों और पुस्तकों के आधार पर सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
