परिचय
कभी सोचा है कि किसी भी वाक्य में “काम किसके द्वारा हुआ?” यह कैसे पता चलता है?
मान लीजिए—
“बच्चे ने पेड़ लगाया।”
यहाँ पेड़ अपने आप तो लगा नहीं! किसी ने लगाया—यानी एक कारण है। इसी कारण को हिंदी व्याकरण में करण कारक कहा जाता है।
कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षक से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों तक—करण कारक हिंदी व्याकरण का एक ऐसा हिस्सा है जो वाक्यों की संरचना समझने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आइए इसे बहुत सरल, मज़ेदार और समझने योग्य भाषा में सीखते हैं।
Karan Karak Ki Paribhasha
| विषय | विवरण |
|---|---|
| नाम | Karan Karak (करण कारक) |
| आसान परिभाषा | वह कारक जो बताता है कि काम किसके द्वारा या किस माध्यम से हुआ है, उसे करण कारक कहते हैं। |
| मुख्य चिह्न | से, द्वारा, की ओर से, के द्वारा |
| केंद्र बिंदु | कार्य करने वाला साधन या कर्ता का माध्यम |
सरल शब्दों में:
जिस शब्द से काम होने का कारण या साधन पता चले, वह karan karak कहलाता है।
करण कारक के प्रकार (Karan Karak Ke Prakar)
| प्रकार | विवरण |
|---|---|
| 1. साधनकारक | जब कार्य किसी साधन/उपकरण से हो। जैसे—कलम से लिखा। |
| 2. माध्यमकारक | जब कार्य किसी माध्यम से हो। जैसे—पत्र द्वारा भेजा। |
| 3. प्रतिनिधिकारक | किसी की ओर से काम हो। जैसे—मेरी तरफ़ से कहा। |
| 4. कर्तृ-माध्यम | कर्ता स्वयं माध्यम भी हो। जैसे—राम से दौड़ लगाई। |
करण कारक पहचानने के नियम (Karan Karak Pehchanne Ke Niyam)
Rule 1: ‘से’ या ‘द्वारा’ = करण कारक के सबसे मजबूत संकेत
अगर वाक्य में से या द्वारा आता है, तो 90% मामलों में वह Karan Karak दर्शाता है।
उदाहरण:
-
राम ने गेंद से मारा।
→ काम मारना है, और से (गेंद से) → माध्यम = करण कारक -
चिट्ठी डाक द्वारा भेजी गई।
→ माध्यम = डाक → करण कारक
क्यों?
क्योंकि ये दोनों शब्द “माध्यम” को ही दिखाते हैं।
Rule 2: प्रश्न पूछें — “काम किससे / किसके द्वारा हुआ?”
किसी भी वाक्य में यह दो सवाल पूछें:
(1) काम किससे हुआ?
(2) काम किसके द्वारा हुआ?
अगर उत्तर मिलता है → karan karak है।
उदाहरण:
वाक्य: “किताब कलम से लिखी।”
प्रश्न: काम किससे हुआ?
उत्तर: कलम से → करण कारक
Rule 3: अगर वाक्य में कोई ‘साधन/उपकरण’ दिख रहा है → करण कारक
साधन का मतलब:
-
कलम
-
रोटी बेलने की लोई
उदाहरण:
-
पेड़ कुल्हाड़ी से काटा गया।
→ कुल्हाड़ी = साधन = करण कारक
Rule 4: जब वाक्य में ‘की ओर से’ या ‘की तरफ़ से’ हो
ये दोनों शब्द प्रतिनिधित्व (on behalf) दिखाते हैं।
प्रतिनिधित्व भी करण कारक का प्रकार है।
उदाहरण:
-
यह काम मेरी तरफ़ से पूरा किया गया।
→ कौन माध्यम है? “मैं” → करण कारक
Rule 5: सर्वनाम + से भी करण कारक बनता है
जैसे:
मुझसे, तुझसे, तुमसे, उससे, इससे, हमसे
उदाहरण:
-
गलती मुझसे हो गई।
→ “मुझसे” = माध्यम = करण कारक
Rule 6: जब कर्ता खुद माध्यम बन जाए
कुछ वाक्यों में “से” लड़ने, प्रतिस्पर्धा करने या मुकाबले के लिए भी आता है।
फिर भी वह करण कारक ही माना जाता है।
उदाहरण:
-
राम से श्याम दौड़ में जीत गया।
यहाँ “राम” कोई साधन नहीं है, बल्कि प्रतिस्पर्धा का माध्यम है।
इसलिए → करण कारक
Rule 7: ध्यान रखें — ‘से’ हमेशा करण कारक नहीं होता
कई छात्र गलती करते हैं कि से = हमेशा करण कारक
ऐसा नहीं है।
उदाहरण:
-
मैं दिल्ली से आया।
यहाँ “से” स्थान–वाचन है → यह अपादान कारक है, करण नहीं।
यदि वाक्य “माध्यम” को नहीं दिखा रहा है → करण नहीं।
Rule 8: अगर वाक्य ‘माध्यम’ के बिना अधूरा लगता है → करण कारक
उदाहरण:
-
लड़का आवाज़ से रो पड़ा।
→ आवाज़ = कारण/माध्यम → करण कारक
Rule 9: निष्क्रिय वाक्यों में ‘द्वारा’ लगभग हमेशा करण कारक होता है
उदाहरण:
-
किताब विद्यार्थियों द्वारा पढ़ी गई।
Passive वाक्य में “द्वारा” = करण कारक का मजबूत संकेत।
Rule 10: अगर माध्यम हटाने पर वाक्य का अर्थ बदल जाए → करण कारक
उदाहरण:
-
सब्ज़ी चाकू से काटी।
अगर “चाकू से” हटा दें → काम अधूरा
→ इसलिए यह करण कारक है।
करण कारक के 20 उदाहरण (Karan Karak Ke Udaharan)
-
किसान ने खेत हल से जोता।
-
पत्र डाक द्वारा भेजा गया।
-
चित्र ब्रश से बनाया गया।
-
गाड़ी चालक के द्वारा चलाई गई।
-
मिठाई चीनी से बनाई जाती है।
-
कमरे को एसी से ठंडा किया जाता है।
-
पेड़ कुल्हाड़ी से काटा गया।
-
मकान मजदूरों द्वारा बनाया गया।
-
गलती मुझसे हो गई।
-
बच्चे ने खिड़की पत्थर से तोड़ी।
-
मोबाइल ऐप द्वारा टिकट बुक की गई।
-
टीम मैच कोहली की ओर से खेल रही थी।
-
खाना प्रेशर कुकर से जल्दी पक गया।
-
सड़क मशीन से बनाई जा रही है।
-
परीक्षा में फॉर्म ऑनलाइन द्वारा भरे गए।
-
सब्ज़ी चाकू से काटी जाती है।
-
कमरे की सफाई झाड़ू से की गई।
-
यह फैसला प्रबंधन के द्वारा लिया गया।
-
घर को सुगंध अगरबत्ती से आई।
-
पानी पंप द्वारा ऊपर उठाया गया।
इन सभी वाक्यों में काम करने का साधन या माध्यम दिया गया है — इसलिए ये karan karak के उदाहरण हैं।
करण कारक का रूप-निर्माण (Karan Karak Ka Roop Nirman)
करण कारक का रूप मुख्यतः संज्ञा + चिह्न (से/द्वारा) से बनता है।
1. संज्ञा + से
- कलम + से = कलम से
- गाड़ी + से = गाड़ी से
- मशीन + से = मशीन से
2. संज्ञा + द्वारा
- छात्र + द्वारा = छात्र द्वारा
- शिक्षक + द्वारा = शिक्षक द्वारा
3. सर्वनाम + से
- मुझ + से = मुझसे
- तुझ + से = तुझसे
- हम + से = हमसे
4. विशेषण + संज्ञा + से
- तेज़ हवा + से
- बड़ी मशीन + से
5. कर्ता + की ओर से / की तरफ़ से
- मोहन + की ओर से
- प्रिया + की तरफ़ से
यही रूप हमें वाक्य में करण कारक की पहचान करने में मदद करते हैं।
विशेषज्ञ टिप्पणी
छात्र सबसे ज़्यादा भ्रमित करण और करण के चिह्न को लेकर होते हैं।
“जैसे ही वाक्य में से, द्वारा, की ओर से दिखे, तुरंत पूछें—काम किसके माध्यम से हुआ?
अगर उत्तर स्पष्ट है → यह Karan Karak है।”
निष्कर्ष
Karan Karak (करण कारक) हिंदी व्याकरण का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि यह बताता है कि कार्य किस माध्यम से या किसके द्वारा हुआ।अगर आप बस इतना याद रखें कि ‘से’ और ‘द्वारा’ अक्सर करण कारक के चिह्न होते हैं, तो इस अध्याय को समझना बहुत आसान हो जाएगा।
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FAQs — करण कारक (5 प्रश्न-उत्तर)
1. करण कारक किसे कहते हैं?
वह कारक जिससे कार्य होने का साधन या माध्यम पता चले—उसे करण कारक कहते हैं।
2. करण कारक के चिह्न क्या हैं?
मुख्य चिह्न: से, द्वारा, की ओर से, की तरफ़ से।
3. क्या “से” हमेशा करण कारक होता है?
नहीं, लेकिन अधिकतर मामलों में “से” करण कारक ही होता है। संदर्भ देखना ज़रूरी है।
4. वाक्य में करण कारक पहचानने का आसान तरीका क्या है?
प्रश्न पूछें—काम किससे या किसके द्वारा हुआ?
5. क्या करण कारक केवल साधनों के लिए होता है?
नहीं, यह माध्यम, प्रतिनिधित्व और कर्ता के द्वारा किए कार्य पर भी लागू होता है।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक और शिक्षण उद्देश्य के लिए तैयार किया गया है। NCERT/CBSE/UPSC के संदर्भों को ध्यान में रखकर सरल भाषा में समझाया गया है। परिवर्तनों की स्थिति में पाठक नवीनतम आधिकारिक पुस्तकों का भी संदर्भ लें।
