परिचय
क्या आपने कभी सोचा है — जब हम कहते हैं “वह आज स्कूल गया” या “राम कल आएगा”, तो ये “आज” और “कल” जैसे शब्द क्या बताते हैं?
ये सिर्फ शब्द नहीं हैं, बल्कि ये समय का बोध कराने वाले शब्द हैं।
हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्दों को कहा जाता है — कालवाचक क्रिया विशेषण (Kaal Vachak Kriya Visheshan)।
ये शब्द हमारे वाक्यों को समय की दिशा देते हैं — “कब?”, “कितनी बार?”, या “कब तक?” जैसे प्रश्नों का उत्तर देते हुए।
आइए, सरल भाषा में समझते हैं कि कालवाचक क्रिया विशेषण क्या होता है, इसके प्रकार, उदाहरण और इसे पहचानने के आसान तरीके क्या हैं।
Kaal Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha
परिभाषा:
वे क्रिया विशेषण शब्द जो किसी क्रिया के होने के समय का बोध कराते हैं, उन्हें कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं।
अर्थात, ऐसे शब्द जो यह बताते हैं कि क्रिया कब, कितनी देर, या कितनी बार हुई, हो रही है या होगी।
| तत्व | विवरण |
|---|---|
| शब्द वर्ग | क्रिया विशेषण |
| क्या बताता है | क्रिया के समय का बोध |
| मुख्य प्रश्न | कब?, कितनी देर?, कितनी बार? |
| उदाहरण | आज, कल, अब, तब, अक्सर, कभी-कभी, हमेशा |
कालवाचक क्रिया विशेषण के प्रकार (Kaal Vachak Kriya Visheshan Ke Prakar)
कालवाचक क्रिया विशेषण को समय के आधार पर मुख्यतः तीन प्रकारों में बाँटा जा सकता है:
| क्रमांक | प्रकार | विवरण | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | भूतकालवाचक क्रिया विशेषण (bhoot Kaal Vachak Kriya Visheshan) | जो क्रिया के बीते हुए समय का बोध कराते हैं | कल, पहले, गत सप्ताह, हाल ही में |
| 2 | वर्तमानकालवाचक क्रिया विशेषण (vartman Kaal Vachak Kriya Visheshan) | जो इस समय या अब की क्रिया बताते हैं | आज, अब, अभी, इसी समय |
| 3 | भविष्यत्कालवाचक क्रिया विशेषण (bhavishya Kaal Vachak Kriya Visheshan) | जो आने वाले समय की क्रिया दर्शाते हैं | कल, शीघ्र, बाद में, आगे |
ध्यान दें:
“कल” शब्द भूतकाल और भविष्यत्काल दोनों में प्रयोग हो सकता है —
जैसे,
-
कल मैं बाजार गया था। → (भूतकाल)
-
कल मैं स्कूल जाऊँगा। → (भविष्यत्काल)
कालवाचक क्रिया विशेषण पहचानने के नियम (Kaal Vachak Kriya Visheshan Pehchanne Ke Niyam)
जब भी आप किसी वाक्य में यह समझना चाहें कि “क्रिया विशेषण कौन-सा है और वह कालवाचक है या नहीं”, तो नीचे दिए गए नियमों को ध्यान में रखें
नियम 1: ‘कब?’ का प्रश्न पूछें
वाक्य में देखें — अगर कोई शब्द कब का उत्तर देता है, तो वह कालवाचक क्रिया विशेषण है।
क्योंकि कालवाचक क्रिया विशेषण हमेशा समय का बोध कराते हैं।
उदाहरण:
-
राम आज स्कूल गया। → कब गया? आज
-
वह कल आएगा। → कब आएगा? कल
➡ “आज” और “कल” यहाँ क्रिया “गया” और “आएगा” के समय का बोध करा रहे हैं, इसलिए ये कालवाचक क्रिया विशेषण हैं।
नियम 2: ‘कितनी बार?’ या ‘कितनी देर?’ का उत्तर देने वाले शब्द
अगर कोई शब्द यह बताए कि क्रिया कितनी बार होती है या कितनी देर तक होती है, तो भी वह कालवाचक क्रिया विशेषण कहलाता है।
उदाहरण:
-
वह अक्सर मंदिर जाता है। → कितनी बार जाता है? अक्सर
-
वह रोज़ अभ्यास करता है। → कितनी बार करता है? रोज़
-
वह रातभर पढ़ता रहा। → कितनी देर तक? रातभर
➡ यहाँ “अक्सर”, “रोज़”, “रातभर” समय की मात्रा या अवधि बता रहे हैं।
नियम 3: ये शब्द ‘क्रिया’ को बताते हैं, न कि ‘संज्ञा’ या ‘सर्वनाम’ को
क्रिया विशेषण का कार्य क्रिया का वर्णन करना होता है, न कि किसी व्यक्ति, वस्तु या नाम का।
इसलिए देखें — जो शब्द क्रिया के बारे में समय बताए, वही कालवाचक क्रिया विशेषण है।
उदाहरण:
-
वह अब सो रहा है। → “सो रहा है” क्रिया है, और “अब” समय बता रहा है।
-
मीना हमेशा मुस्कुराती है। → “हमेशा” क्रिया “मुस्कुराती है” का समय-स्वभाव बता रहा है।
नियम 4: ऐसे शब्द अक्सर क्रिया के पास मिलेंगे
सामान्यतः कालवाचक क्रिया विशेषण वाक्य में क्रिया के पहले या बाद आते हैं, क्योंकि वे सीधे क्रिया से जुड़े होते हैं।
उदाहरण:
-
वह अभी खा रहा है। (क्रिया से पहले)
-
वह खा रहा है अभी। (क्रिया के बाद)
➡ दोनों ही जगह “अभी” कालवाचक क्रिया विशेषण है।
नियम 5: ‘समय-सूचक शब्द’ को पहचानिए
कुछ विशेष शब्द हमेशा समय का संकेत देते हैं — ऐसे शब्द लगभग हमेशा कालवाचक क्रिया विशेषण होते हैं।
आम समय-सूचक शब्दों की सूची:
| समय-सूचक शब्द | प्रयोग का अर्थ |
|---|---|
| आज | वर्तमान समय |
| कल | भूत या भविष्य काल |
| अब | इस समय |
| पहले | पूर्व समय |
| बाद में | भविष्य समय |
| अभी | वर्तमान क्षण |
| हमेशा | बारंबारता |
| अक्सर | बारंबारता |
| कभी-कभी | अनियमित समय |
| रातभर | अवधि |
नियम 6: जिन शब्दों से वाक्य में “समय का भाव” झलके
यदि किसी वाक्य को पढ़कर “कब”, “कितनी देर”, “कितनी बार” जैसी भावना उभरती है, तो समझ जाइए कि उसमें कालवाचक क्रिया विशेषण अवश्य है।
उदाहरण:
-
मैं कभी झूठ नहीं बोलता। → “कभी” समय की संभावना दिखा रहा है।
-
वह जल्द लौटेगा। → “जल्द” भविष्य काल का संकेत है।
नियम 7: प्रत्यय या रूप से पहचानें
कुछ कालवाचक शब्द “भर”, “ही”, “तक”, “से”, “पहले” जैसे प्रत्ययों (suffixes) के साथ बनते हैं।
इनसे बने शब्द प्रायः कालवाचक क्रिया विशेषण होते हैं।
| प्रत्यय | उदाहरण | अर्थ |
|---|---|---|
| भर | दिनभर, रातभर | अवधि दर्शाता है |
| तक | सुबह तक, रात तक | सीमा दर्शाता है |
| से | पहले से, तब से | आरंभ का समय |
| ही | अभी ही, तब ही | तत्कालता |
कालवाचक क्रिया विशेषण के 20 उदाहरण (Kaal Vachak Kriya Visheshan Ke 20 Udaharan)
| क्रमांक | वाक्य | कालवाचक क्रिया विशेषण | समय का प्रकार / अर्थ |
|---|---|---|---|
| 1 | मैं आज स्कूल गया। | आज | वर्तमान समय |
| 2 | वह कल बाजार जाएगा। | कल | भविष्य काल |
| 3 | सीता अभी खाना बना रही है। | अभी | वर्तमान क्षण |
| 4 | वे लोग पहले यहाँ रह चुके हैं। | पहले | भूतकाल |
| 5 | हम कभी-कभी फिल्म देखने जाते हैं। | कभी-कभी | बारंबारता (समय-समय पर) |
| 6 | मोहन हमेशा सच बोलता है। | हमेशा | निरंतर समय |
| 7 | मैं अब पढ़ाई कर रहा हूँ। | अब | वर्तमान समय |
| 8 | वह जल्द वापस आएगा। | जल्द | निकट भविष्य |
| 9 | बच्चे अक्सर पार्क में खेलते हैं। | अक्सर | बारंबारता |
| 10 | हम रोज़ योग करते हैं। | रोज़ | नियमितता |
| 11 | उसने हाल ही में नया घर लिया है। | हाल ही में | हाल का भूतकाल |
| 12 | मीना रातभर जागती रही। | रातभर | अवधि (कितनी देर) |
| 13 | पापा सुबह तक लौट आएंगे। | सुबह तक | सीमा (कब तक) |
| 14 | वह फिर आएगा। | फिर | पुनरावृत्ति (दोबारा) |
| 15 | मैं तुमसे बाद में मिलूँगा। | बाद में | भविष्य काल |
| 16 | वे लोग कल रात पार्टी में थे। | कल रात | भूतकाल |
| 17 | हम अब तक इंतज़ार कर रहे हैं। | अब तक | अवधि / सीमा |
| 18 | वह पहले से तैयार है। | पहले से | पूर्व तैयारी (भूतकाल) |
| 19 | बच्चे कभी झूठ नहीं बोलते। | कभी | संभावना / समय |
| 20 | वह तब बहुत खुश था। | तब | भूतकाल का संकेत |
कालवाचक क्रिया विशेषण का रूप निर्माण (Kaal Vachak Kriya Visheshan Ka Rup Nirman)
1. संज्ञा से रूप निर्माण
कई कालवाचक क्रिया विशेषण समय-सूचक संज्ञाओं से बनते हैं।
इनमें “भर”, “तक”, “से”, “में” जैसे प्रत्यय (suffixes) जोड़कर
क्रिया विशेषण का रूप बनाया जाता है।
| मूल संज्ञा | जोड़ा गया शब्द / प्रत्यय | बना हुआ कालवाचक क्रिया विशेषण | अर्थ |
|---|---|---|---|
| दिन | भर | दिनभर | पूरे दिन तक |
| रात | भर | रातभर | पूरी रात तक |
| सुबह | तक | सुबह तक | समय की सीमा तक |
| शाम | में | शाम में | विशेष समय का संकेत |
| कल | से | कल से | आरंभिक समय |
नोट: जब संज्ञा में कोई ऐसा शब्द जुड़ जाता है जो समय की अवधि या सीमा दर्शाता है,
तो वह Kaal Vachak Kriya Visheshan बन जाता है।
2. विशेषण से रूप निर्माण
कई बार विशेषण जब क्रिया का समय या भाव बताने लगते हैं,
तो वे Kaal Vachak Kriya Visheshan में बदल जाते हैं।
| विशेषण | बना हुआ कालवाचक क्रिया विशेषण | अर्थ |
|---|---|---|
| शीघ्र | शीघ्र ही | बहुत जल्दी |
| विलंब | विलंब से | देर के साथ |
| प्रारंभिक | प्रारंभ में | शुरुआत के समय |
| अंतिम | अंत में | समाप्ति के समय |
टिप:
यदि कोई विशेषण “ही”, “से”, “में” जैसे अव्यय जोड़ने पर समय का अर्थ देने लगे,
तो वह Kaal Vachak Kriya Visheshan बन जाता है।
3. क्रिया से रूप निर्माण
कुछ कालवाचक क्रिया विशेषण क्रिया मूल शब्दों से बनते हैं,
जब वे क्रिया के समय या अवधि का बोध कराने लगते हैं।
| मूल क्रिया | बना हुआ कालवाचक क्रिया विशेषण | अर्थ |
|---|---|---|
| देर करना | देर से | समय के बाद |
| ठहरना | ठहरकर | थोड़ी देर बाद |
| शुरू होना | शुरू में | आरंभ के समय |
| बीतना | बीते कल | बीते समय में |
4. अव्यय से रूप निर्माण
कुछ कालवाचक क्रिया विशेषण ऐसे होते हैं जो स्वयं में पूर्ण अव्यय शब्द हैं —
ये किसी अन्य शब्द से नहीं बनते, बल्कि अपने आप में समय का बोध कराते हैं।
| अव्यय शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आज | वर्तमान काल |
| कल | भूत या भविष्य काल |
| अब | इस समय |
| तब | भूतकाल का समय |
| हमेशा | निरंतर समय |
| कभी | अनिश्चित समय |
| अक्सर | बारंबारता |
5. संयुक्त रूप से रूप निर्माण
कई बार दो या अधिक शब्द मिलकर संयुक्त कालवाचक क्रिया विशेषण बनाते हैं।
ये वाक्य में विशेष समय या सीमा का संकेत देते हैं।
| संयुक्त रूप | अर्थ |
|---|---|
| हाल ही में | कुछ समय पहले |
| कल रात | भूतकाल |
| अब तक | वर्तमान सीमा |
| पहले से | पूर्व तैयारी |
| देर रात | रात के अंत का समय |
विशेषज्ञ राय
कालवाचक क्रिया विशेषण (Kaal Vachak Kriya Visheshan) भाषा की समय-धारा को व्यक्त करते हैं।
इनका सही प्रयोग लेखन को न सिर्फ सटीक बल्कि प्रभावशाली बनाता है।
जब विद्यार्थी वाक्यों में समय का भाव सही रूप में दर्शाते हैं, तो उनकी अभिव्यक्ति स्वाभाविक और परिपक्व लगती है।”
निष्कर्ष
Kaal Vachak Kriya Visheshan (कालवाचक क्रिया विशेषण) हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत रोचक और महत्वपूर्ण भाग है।
ये शब्द हमें बताते हैं कि कोई कार्य कब हुआ, हो रहा है या होगा — और यही भाषा को जीवंत बनाते हैं।
याद रखें:
“बिना समय के भाव के वाक्य अधूरा होता है।”
इसलिए जब भी आप कोई वाक्य लिखें, उसमें कालवाचक क्रिया विशेषण का उचित प्रयोग करें — इससे आपका लेखन और बोलचाल दोनों प्रभावशाली बनेंगे।
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FAQs
प्रश्न 1: कालवाचक क्रिया विशेषण क्या होता है?
उत्तर: ऐसा शब्द जो क्रिया के होने के समय का बोध कराए, उसे कालवाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। जैसे — आज, कल, अब, पहले।
प्रश्न 2: कालवाचक क्रिया विशेषण को पहचानने का आसान तरीका क्या है?
उत्तर: वाक्य में “कब?”, “कितनी बार?” या “कब तक?” पूछें — जो शब्द उत्तर दे वही कालवाचक क्रिया विशेषण है।
प्रश्न 3: क्या “कल” हमेशा भूतकाल बताता है?
उत्तर: नहीं, “कल” शब्द भूतकाल और भविष्यत्काल — दोनों के लिए प्रयोग होता है। संदर्भ से अर्थ तय होता है।
प्रश्न 4: क्या Kaal Vachak Kriya Visheshan केवल समय बताते हैं?
उत्तर: हाँ, ये विशेष रूप से समय का ही बोध कराते हैं — चाहे वह बीता हुआ, वर्तमान या आने वाला हो।
प्रश्न 5: Kaal Vachak Kriya Visheshan का प्रयोग कहाँ आवश्यक होता है?
उत्तर: जब भी किसी वाक्य में समय का संकेत देना हो — जैसे कहानी, संवाद, या विवरण में — तब इनका प्रयोग किया जाता है।
डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और शिक्षण उद्देश्य के लिए प्रस्तुत की गई है।यह सामग्री हिंदी व्याकरण के सामान्य ज्ञान पर आधारित है और इसका उद्देश्यछात्रों, शिक्षकों तथा सामान्य पाठकों को विषय की स्पष्ट समझ देना है।
