परिचय कविता पढ़ते समय आपने कई बार महसूस किया होगा कि कुछ पंक्तियाँ किसी बंधन में नहीं होतीं, फिर भी…
Author: Rounak Jain
परिचय कभी-कभी हिंदी कविता की पंक्तियाँ पढ़ते ही मन में ताल जैसी गूँज उठती है—एक ऐसी लय, जिसमें शब्द अर्थ…
परिचय कभी आप किसी कविता, लोकगीत या संस्कृत श्लोक को सुनते हैं और अचानक उसमें एक मधुर लय, ताल और…
परिचय कविता की दुनिया में छंद वही है जो संगीत में ताल—जिसके बिना लय, माधुर्य और भाव का कोई अर्थ…
परिचय क्या आपने कभी ऐसी कविता सुनी है, जिसकी लय पढ़ते ही मन में एक संगीत-सा बहने लगे? जैसे शब्द…
परिचय कभी आपने किसी कविता की लय पढ़ते-पढ़ते महसूस किया होगा कि शब्द अपने आप नाचने लगते हैं—जहाँ हर पंक्ति…
परिचय कभी-कभी हम अपने ही ऊपर की गई क्रिया को व्यक्त करना चाहते हैं—जैसे “मैंने खुद से वादा किया”, “उसने…
परिचय कभी आपने किसी बच्चे को यह कहते सुना है —“ये मेरी किताब है… और ये उसकी पेंसिल।” सुनने में…
परिचय कभी आपने सोचा है कि रोज़मर्रा की बातचीत में हम कितने सवाल पूछते हैं?“कहाँ जा रहे हो?”, “क्या कर…
परिचय कभी आपने सोचा है कि हम बोलते समय “बहुत तेज़”, “धीरे-धीरे”, “आज”, “यहाँ”, “अचानक” जैसे शब्द क्यों इस्तेमाल करते…