परिचय क्या आपने कभी “तज्जन”, “सुक्शील” या “बुद्धिमान” जैसे शब्द सुने हैं और सोचा है — ये बने कैसे?दरअसल, ये…
Author: Rounak Jain
परिचय कल रहा तो उसे आज सोचना है, कि जब दो स्वर एक साथ मिलें तो क्या होता ?कल्पना करें…
परिचय कल्पना कीजिए कि आप किसी कविता या कहानी को पढ़ रहे हैं। अचानक लेखक ने शब्दों को इस तरह…
🌼परिचय क्या आपने कभी सुना है किसी कवि को कहते हुए —“उसकी आँखें चाँद से भी ज़्यादा चमकती हैं” या…
✨परिचय क्या कभी आपने किसी को यह कहते सुना है —👉 “तुम तो चाँद हो!”👉 “तेरी मुस्कान तो फूल जैसी…
✨परिचय क्या आपने कभी किसी को यह कहते सुना है — “उसका चेहरा चाँद जैसा चमकता है”?या फिर “वह शेर…
✨परिचय “चाँद उसकी मुस्कान से शरमाता है,” तो यह कोई साधारण तुलना नहीं है।यह कल्पना की उड़ान है — जहाँ…
परिचय “राम राम सब कहते हैं, राम बिना सब शून्य।” यह सुनकर मन खिल उठता है, है ना?बस यही है…
परिचय क्या आपने कभी ऐसे वाक्य सुने हैं, जिनमें एक ही शब्द के कई अर्थ निकल आते हैं? जैसे —👉…
परिचय क्या आपने कभी किसी कविता में यह महसूस किया है कि कुछ शब्दों की ध्वनि बार-बार आकर संगीत-सा एहसास…