परिचय क्या आपने कभी ऐसी कविता सुनी है, जिसकी लय पढ़ते ही मन में एक संगीत-सा बहने लगे? जैसे शब्द…
Author: Rounak Jain
परिचय कभी आपने किसी कविता की लय पढ़ते-पढ़ते महसूस किया होगा कि शब्द अपने आप नाचने लगते हैं—जहाँ हर पंक्ति…
परिचय कभी-कभी हम अपने ही ऊपर की गई क्रिया को व्यक्त करना चाहते हैं—जैसे “मैंने खुद से वादा किया”, “उसने…
परिचय कभी आपने किसी बच्चे को यह कहते सुना है —“ये मेरी किताब है… और ये उसकी पेंसिल।” सुनने में…
परिचय कभी आपने सोचा है कि रोज़मर्रा की बातचीत में हम कितने सवाल पूछते हैं?“कहाँ जा रहे हो?”, “क्या कर…
परिचय कभी आपने सोचा है कि हम बोलते समय “बहुत तेज़”, “धीरे-धीरे”, “आज”, “यहाँ”, “अचानक” जैसे शब्द क्यों इस्तेमाल करते…
परिचय कभी आपने गौर किया है कि हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई बार किसी काम की मात्रा, स्तर, या…
परिचय कभी आपने ध्यान दिया है कि जब हम बोलते हैं— “राम बाहर गया”, “खिलाड़ी आगे बढ़ा”, “तुम यहीं रुको”—…
परिचय क्या आपने कभी सोचा है — जब हम कहते हैं “वह आज स्कूल गया” या “राम कल आएगा”, तो…
परिचय क्या आपने कभी सोचा है कि हम वाक्यों में “धीरे चलो”, “जल्दी बोलो”, “साफ-साफ समझाओ”, “बिना रुके आगे बढ़ो”…