परिचय कभी-कभी हम किसी धार्मिक कथा, लोकगीत या भक्ति रचना में एक विशिष्ट लय और बोलचाल के छंद सुनते हैं—जो…
Author: Rounak Jain
परिचय कल्पना कीजिए कि आप किसी मंच पर बैठे हैं और कवि जोश में आकर ऐसी पंक्तियाँ पढ़ते हैं जिनकी…
परिचय कभी-कभी कविता पढ़ते हुए हमें एक ऐसी कविता मिलती है, जो अपनी लय, तुक और दोहराव से मन में…
परिचय कभी आप कोई ऐसा दोहा या छंद पढ़ते हैं जिसमें लय, भाव और ताल इतनी सुंदरता से मिलते हों…
परिचय भारतीय काव्य परंपरा में कुछ छंद ऐसे हैं, जो पढ़ते ही मन में संगीत जैसा लयात्मक अनुभव जगाते हैं।…
परिचय कल्पना कीजिए—आप कक्षा में बैठे हैं, और शिक्षक छंद-विभाग पढ़ा रहे हैं। वे एक सुंदर पंक्ति बोलते हैं: “फूलों…
परिचय कविता पढ़ते समय आपने कई बार महसूस किया होगा कि कुछ पंक्तियाँ किसी बंधन में नहीं होतीं, फिर भी…
परिचय कभी-कभी हिंदी कविता की पंक्तियाँ पढ़ते ही मन में ताल जैसी गूँज उठती है—एक ऐसी लय, जिसमें शब्द अर्थ…
परिचय कभी आप किसी कविता, लोकगीत या संस्कृत श्लोक को सुनते हैं और अचानक उसमें एक मधुर लय, ताल और…
परिचय कविता की दुनिया में छंद वही है जो संगीत में ताल—जिसके बिना लय, माधुर्य और भाव का कोई अर्थ…