परिचय
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं होती, बल्कि यह विचारों, भावनाओं और जिज्ञासाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। जब मनुष्य किसी बात को जानना चाहता है, किसी तथ्य की पुष्टि करना चाहता है या किसी से जानकारी प्राप्त करना चाहता है, तब वह प्रश्न करता है। यही प्रश्न जब वाक्य के रूप में प्रकट होते हैं, तो उन्हें प्रश्नवाचक वाक्य कहा जाता है।
हमारे दैनिक जीवन में प्रश्नवाचक वाक्यों का प्रयोग निरंतर होता है—घर में, विद्यालय में, समाज में और परीक्षा में भी।
“तुम कहाँ जा रहे हो?”
“क्या आज परीक्षा है?”
“यह काम किसने किया?”
Prashn Vachak Vakya Ki Paribhasha
परिभाषा:
जिस वाक्य के माध्यम से प्रश्न पूछा जाए, जिज्ञासा व्यक्त की जाए या जानकारी प्राप्त की जाए, उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं।
सरल शब्दों में:
जो वाक्य प्रश्न पूछता है, वही प्रश्नवाचक वाक्य (Prashn Vachak Vakya) कहलाता है।
उदाहरण:
-
तुम कब आओगे?
-
क्या वह आज विद्यालय गया है?
-
यह पुस्तक किसकी है?
इन वाक्यों के अंत में सामान्यतः प्रश्नचिह्न (?) लगाया जाता है, जो इनके प्रश्नवाचक होने का संकेत देता है।
| वाक्य | प्रश्नसूचक शब्द | प्रश्नचिह्न |
|---|---|---|
| तुम कहाँ जा रहे हो? | कहाँ | ? |
| क्या राम आएगा? | क्या | ? |
| यह काम किसने किया? | किसने | ? |
प्रश्नवाचक वाक्य के प्रकार (Prashn Vachak Vakya Ke Prakar)
1. हाँ-ना वाले प्रश्नवाचक वाक्य (Haan–Na Prashn vachak Vakya)
इनका उत्तर केवल हाँ या नहीं में दिया जा सकता है।
उदाहरण:
-
क्या तुमने होमवर्क किया है?
-
क्या आज छुट्टी है?
2. प्रश्नसूचक शब्द वाले प्रश्नवाचक वाक्य (Prashn-Suchak Shabd Wale Prashna Vachak Vakya)
इनमें प्रश्नसूचक शब्दों का प्रयोग होता है।
उदाहरण:
-
तुम कहाँ रहते हो?
-
वह कौन है?
3. विकल्पात्मक प्रश्नवाचक वाक्य (Vikalpatmak Prashn Vachak Vakya)
इनमें दो या अधिक विकल्प दिए जाते हैं।
उदाहरण:
-
तुम चाय पियोगे या दूध?
-
यह काम आज होगा या कल?
4. आश्चर्ययुक्त प्रश्नवाचक वाक्य (Aashcharyayukt Prashn Vachak Vakya)
इनमें प्रश्न के साथ आश्चर्य का भाव भी होता है।
उदाहरण:
-
क्या! तुमने यह कर दिखाया?
-
क्या वह सचमुच जीत गया?
प्रश्नवाचक वाक्य पहचानने के नियम (Prashn Vachak Vakya Pehchanne Ke Niyam)
1. प्रश्न पूछने का भाव होना चाहिए
सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है कि
वाक्य में प्रश्न करने का भाव अवश्य होना चाहिए।
यदि वाक्य पढ़ते समय ऐसा लगे कि—
-
कुछ जानना चाहा जा रहा है
-
जानकारी माँगी जा रही है
-
उत्तर की अपेक्षा है
तो वह वाक्य प्रश्नवाचक होता है।
उदाहरण:
-
तुम कहाँ जा रहे हो?
-
वह कब आएगा?
इन वाक्यों में उत्तर की आवश्यकता है, इसलिए ये प्रश्नवाचक हैं।
2. प्रश्नसूचक शब्दों की उपस्थिति
प्रश्नवाचक वाक्यों में अक्सर कुछ विशेष शब्द आते हैं, जिन्हें प्रश्नसूचक शब्द कहा जाता है।
प्रमुख प्रश्नसूचक शब्द:
क्या, कौन, कब, कहाँ, कैसे, क्यों, कितना, किसका, किसने, किससे आदि।
उदाहरण:
-
यह काम किसने किया?
-
तुम क्यों परेशान हो?
इन शब्दों की उपस्थिति वाक्य को प्रश्नवाचक बनाती है।
4. वाक्य के अंत में प्रश्नचिह्न (?)
लिखित भाषा में प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में प्रश्नचिह्न (?) लगाया जाता है।
उदाहरण:
-
क्या आज परीक्षा है?
-
तुमने पुस्तक पढ़ी?
यदि वाक्य के अंत में “?” है, तो वह प्रश्नवाचक वाक्य है।
ध्यान दें:
बोलचाल में चिन्ह नहीं दिखता, लेकिन लिखित परीक्षा में यह बहुत महत्वपूर्ण संकेत है।
4. उत्तर की अपेक्षा होना
प्रश्नवाचक वाक्य का उद्देश्य केवल कथन करना नहीं होता,
बल्कि उत्तर प्राप्त करना होता है।
उदाहरण:
-
क्या वह छात्र है? → (हाँ / नहीं)
-
तुम कितने अंक लाए? → (अंक बताने होंगे)
जहाँ उत्तर की आवश्यकता हो, वहाँ प्रश्नवाचक वाक्य होता है।
5. आवाज़ में उतार-चढ़ाव (बोलते समय)
जब Prashn Vachak Vakya बोला जाता है, तो आवाज़ के अंत में
प्रश्नसूचक उतार-चढ़ाव आता है।
उदाहरण:
-
तुम आज आओगे? (स्वर ऊपर उठता है)
यह मौखिक भाषा में पहचानने का सरल तरीका है।
6. ‘क्या’ से शुरू होने वाले वाक्य
अधिकतर प्रश्नवाचक वाक्य “क्या” शब्द से प्रारंभ होते हैं,
विशेष रूप से हाँ-ना वाले प्रश्न।
उदाहरण:
-
क्या तुमने भोजन किया?
-
क्या भारत एक लोकतांत्रिक देश है?
ऐसे वाक्य निश्चित रूप से प्रश्नवाचक होते हैं।
7. विकल्प दिए गए हों
यदि वाक्य में दो या अधिक विकल्प दिए गए हों और चुनाव पूछा गया हो,
तो वह भी Prashn Vachak Vakya होता है।
उदाहरण:
-
तुम चाय लोगे या दूध?
-
यह उत्तर सही है या गलत?
विकल्प + प्रश्न = प्रश्नवाचक वाक्य
प्रश्नवाचक वाक्य के 20 उदाहरण (Prashn Vachak Vakya Ke 20 Udaharan)
| क्रम संख्या | प्रश्नवाचक वाक्य (Prashn Vachak Vakya) |
|---|---|
| 1 | तुम कहाँ जा रहे हो? |
| 2 | क्या आज विद्यालय खुला है? |
| 3 | यह पुस्तक किसकी है? |
| 4 | राम कब आएगा? |
| 5 | तुमने यह काम क्यों किया? |
| 6 | वह लड़का कौन है? |
| 7 | क्या तुमने भोजन कर लिया है? |
| 8 | तुम कैसे हो? |
| 9 | यह घटना कब हुई थी? |
| 10 | क्या भारत एक लोकतांत्रिक देश है? |
| 11 | तुम कितने अंक लाए हो? |
| 12 | यह कार्य किसने किया? |
| 13 | क्या शिक्षक आज आएँगे? |
| 14 | तुम किस विषय की तैयारी कर रहे हो? |
| 15 | यह उत्तर सही है या गलत? |
| 16 | क्या मेहनत से सफलता मिलती है? |
| 17 | तुम यहाँ क्यों आए हो? |
| 18 | यह चित्र किसने बनाया है? |
| 19 | क्या हम कल अभ्यास करेंगे? |
| 20 | तुम चाय लोगे या दूध? |
प्रश्नवाचक वाक्य का रूप निर्माण (Prashn Vachak Vakya ke Rup Nirman)
भाषा सरल और स्पष्ट होती है
Prashn Vachak Vakya में भाषा का उद्देश्य जानकारी प्राप्त करना होता है।
इसलिए इसमें—
-
कठिन शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता
-
वाक्य छोटे और स्पष्ट होते हैं
-
अर्थ तुरंत समझ में आ जाता है
उदाहरण:
-
तुम कहाँ जा रहे हो?
-
यह काम किसने किया?
सरल भाषा से प्रश्न सीधा और प्रभावी बनता है।
शैली संवादात्मक होती है
प्रश्नवाचक वाक्य प्रायः संवाद में प्रयुक्त होते हैं।
इनका प्रयोग—
-
बातचीत में
-
शिक्षक–छात्र संवाद में
-
साक्षात्कार और चर्चा में
अधिक होता है।
उदाहरण:
-
शिक्षक: तुमने उत्तर क्यों नहीं लिखा?
-
छात्र: मुझे प्रश्न समझ में नहीं आया।
संवादात्मक शैली भाषा को जीवंत बनाती है।
लोक-तत्व दैनिक जीवन से जुड़ा होता है
प्रश्नवाचक वाक्य आम जीवन से जुड़े होते हैं।
इनमें—
-
घर, समाज, विद्यालय
-
रोज़मर्रा की स्थितियाँ
-
सामान्य अनुभव
प्रतिबिंबित होते हैं।
उदाहरण:
-
तुम आज देर से क्यों आए?
-
बाजार कब बंद होता है?
यही लोक-तत्व इन्हें सहज और स्वाभाविक बनाता है।
भाव – जिज्ञासा, संदेह, आश्चर्य या खोज
प्रश्नवाचक वाक्य में अनेक भाव छिपे होते हैं—
-
जिज्ञासा: कुछ जानने की इच्छा
-
संदेह: किसी बात पर भरोसा न होना
-
आश्चर्य: अप्रत्याशित स्थिति
-
खोज: सत्य या कारण जानना
उदाहरण:
-
जिज्ञासा: यह मशीन कैसे काम करती है?
-
संदेह: क्या यह खबर सही है?
-
आश्चर्य: क्या! तुमने यह कर दिखाया?
-
खोज: यह समस्या क्यों उत्पन्न हुई?
भाषा को जीवंत और प्रभावशाली बनाना
प्रश्नवाचक वाक्य—
-
सोचने के लिए प्रेरित करते हैं
-
बातचीत को आगे बढ़ाते हैं
-
श्रोता या पाठक को सक्रिय बनाते हैं
इसलिए भाषा केवल सूचना नहीं देती, बल्कि संवाद रचती है।
यही कारण है कि प्रश्नवाचक वाक्य भाषा को
जीवंत, प्रभावशाली और अर्थपूर्ण बनाते हैं।
विशेषज्ञ राय
हिंदी व्याकरण के विद्वानों के अनुसार प्रश्नवाचक वाक्य (Prashn Vachak Vakya) भाषा को संवादात्मक और विचारोत्तेजक बनाते हैं। यह न केवल ज्ञान प्राप्ति का साधन है, बल्कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की रीढ़ भी है।
निष्कर्ष
प्रश्नवाचक वाक्य (Prashn Vachak Vakya) हिंदी व्याकरण का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। इसके बिना भाषा अधूरी प्रतीत होती है। यह जिज्ञासा, सीखने की इच्छा और संवाद को आगे बढ़ाने का माध्यम है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए इसका सही ज्ञान अनिवार्य है। सही अभ्यास और उदाहरणों के माध्यम से इसे आसानी से समझा और पहचाना जा सकता है।
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सामान्य प्रश्न-उत्तर
प्रश्न 1: प्रश्नवाचक वाक्य क्या कहलाता है?
उत्तर:
जिस वाक्य के माध्यम से किसी प्रकार का प्रश्न पूछा जाता है, जानकारी प्राप्त की जाती है या जिज्ञासा व्यक्त की जाती है, उसे प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। ऐसे वाक्यों के अंत में प्रायः प्रश्नचिह्न (?) लगाया जाता है। प्रश्नवाचक वाक्य भाषा को संवादात्मक और जीवंत बनाते हैं।
प्रश्न 2: Prashn Vachak Vakya की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
प्रश्नवाचक वाक्य की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—
-
प्रश्न पूछने का भाव
-
प्रश्नसूचक शब्दों का प्रयोग
-
वाक्य के अंत में प्रश्नचिह्न (?)
-
उत्तर की अपेक्षा
-
सरल और स्पष्ट भाषा
इन विशेषताओं के कारण प्रश्नवाचक वाक्य अन्य वाक्यों से अलग पहचाने जाते हैं।
प्रश्न 3: प्रश्नवाचक वाक्य के कितने प्रकार होते हैं?
उत्तर:
प्रश्नवाचक वाक्य मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं—
-
हाँ–ना वाले प्रश्नवाचक वाक्य
-
प्रश्नसूचक शब्द वाले प्रश्नवाचक वाक्य
-
विकल्पात्मक प्रश्नवाचक वाक्य
-
आश्चर्ययुक्त प्रश्नवाचक वाक्य
ये प्रकार भाव और संरचना के आधार पर निर्धारित किए जाते हैं।
प्रश्न 4: हाँ–ना वाले प्रश्नवाचक वाक्य किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिन प्रश्नवाचक वाक्यों का उत्तर केवल हाँ या नहीं में दिया जा सकता है, उन्हें हाँ–ना वाले प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। ऐसे वाक्य प्रायः “क्या” शब्द से शुरू होते हैं।
उदाहरण: क्या तुम विद्यालय जा रहे हो?
प्रश्न 5: प्रश्नसूचक शब्द वाले प्रश्नवाचक वाक्य क्या होते हैं?
उत्तर:
जिन प्रश्नवाचक वाक्यों में प्रश्न पूछने के लिए कौन, कब, कहाँ, कैसे, क्यों, कितना आदि शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उन्हें प्रश्नसूचक शब्द वाले प्रश्नवाचक वाक्य कहते हैं। इनका उत्तर विस्तृत होता है, केवल हाँ या नहीं में नहीं दिया जा सकता।
प्रश्न 6: Prashn Vachak Vakya की पहचान कैसे की जाती है?
उत्तर:
प्रश्नवाचक वाक्य की पहचान निम्न बातों से की जाती है—
-
वाक्य में प्रश्न पूछने का भाव हो
-
प्रश्नसूचक शब्द उपस्थित हों
-
वाक्य के अंत में प्रश्नचिह्न (?) हो
-
उत्तर की अपेक्षा हो
इन संकेतों से प्रश्नवाचक वाक्य को आसानी से पहचाना जा सकता है।
प्रश्न 7: भाषा में प्रश्नवाचक वाक्य का क्या महत्व है?
उत्तर:
प्रश्नवाचक वाक्य भाषा को जीवंत, प्रभावशाली और संवादात्मक बनाते हैं। ये जिज्ञासा उत्पन्न करते हैं, ज्ञान-वृद्धि में सहायक होते हैं और विचार-विनिमय को आगे बढ़ाते हैं। शिक्षण, संवाद और परीक्षाओं में इनका विशेष महत्व है।
डिस्क्लेमर
यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई परिभाषाएँ और उदाहरण विद्यार्थियों की समझ को सरल बनाने के लिए हैं। यह किसी मूल व्याकरण ग्रंथ का स्थान नहीं लेता।
