परिचय
कभी आपने ध्यान दिया है कि जब हम बोलते हैं— “राम बाहर गया”, “खिलाड़ी आगे बढ़ा”, “तुम यहीं रुको”— तो इन वाक्यों में कौन-सा छोटा-सा शब्द बताता है कि क्रिया कहाँ हो रही है?
जी हाँ! ये वही शब्द हैं जिन्हें हम स्थान वाचक क्रिया विशेषण (Sthan Vachak Kriya Visheshan) कहते हैं।
ये शब्द हमारे वाक्यों को दिशा, स्थान और स्थिति की स्पष्ट जानकारी देकर भाषा को ज़्यादा सटीक, रोचक और प्रभावशाली बनाते हैं।
2025 में भाषा शिक्षा का फोकस अब “स्पष्ट अभिव्यक्ति” पर है, इसलिए स्थान वाचक क्रिया विशेषण सीखना छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
Sthan Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha
| विषय | परिभाषा |
|---|---|
| sthan vachak kriya visheshan | वे शब्द जो क्रिया के स्थान, दिशा, स्थिति या गंतव्य (कहाँ?) का बोध कराएँ, उन्हें स्थान वाचक क्रिया विशेषण कहते हैं। |
सरल शब्दों में
ऐसे शब्द जो बताते हैं — कोई कार्य कहाँ हो रहा है → वे “स्थान वाचक क्रिया विशेषण” कहलाते हैं।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण के प्रकार (Sthan Vachak Kriya Visheshan Ke Prakar)
| प्रकार | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1. दिशा दर्शाने वाले | क्रिया किस दिशा में हो रही है | आगे, पीछे, ऊपर, नीचे |
| 2. स्थान दर्शाने वाले | कार्य किस स्थान/जगह पर हो रहा है | यहाँ, वहाँ, बाहर, अंदर |
| 3. निकटता/दूरी दर्शाने वाले | स्थान की दूरी/निकटता बताना | पास, दूर, समीप |
| 4. स्थिति दर्शाने वाले | व्यक्ति/वस्तु की स्थिति बताना | सामने, बीच में, चारों ओर |
स्थान वाचक क्रिया विशेषण पहचानने के नियम (Sthan Vachak Kriya Visheshan Pehchanne Ke Niyam)
Rule 1: “कहाँ?” प्रश्न पूछो — उत्तर मिल जाए तो यह स्थान वाचक क्रिया विशेषण है
यह सबसे आसान और 100% काम करने वाला नियम है।
कैसे करें:
वाक्य में क्रिया ढूँढो → उस पर “कहाँ?” का प्रश्न करो।
उदाहरण:
-
मोहन बाहर गया।
→ मोहन कहाँ गया? बाहर → यह स्थान वाचक क्रिया विशेषण है। -
बच्चे अंदर बैठे हैं।
→ बच्चे कहाँ बैठे? अंदर → यह भी स्थान वाचक क्रिया विशेषण।
Rule 2: दिशा बताने वाले शब्द अक्सर स्थान वाचक होते हैं
जैसे —
आगे, पीछे, दाएँ, बाएँ, ऊपर, नीचे
ये शब्द हमेशा किसी दिशा का बोध कराते हैं, इसलिए अधिकांश स्थितियों में ये Sthan Vachak Kriya Visheshan ही होते हैं।
उदाहरण:
-
गाड़ी आगे बढ़ी।
-
पक्षी पेड़ के ऊपर बैठा है।
Rule 3: “यहीं, वहीं, कहीं, कहीं-नहीं” जैसे शब्द हमेशा स्थान दिखाते हैं
ये शब्द सीधे-सीधे स्थान या लोकेशन का संकेत देते हैं।
इनके आते ही पहचान करना आसान हो जाता है।
उदाहरण:
-
तुम यहीं रुको।
-
वह वहीं बैठा रहा।
Rule 4: प्रत्ययों से पहचानना
कई स्थान वाचक क्रिया विशेषण विशेष अंत वाले शब्दों से बनते हैं।
आम प्रत्यय:
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–ही → यहीं, वहीं
-
–पर → ऊपर, भीतर, नीचे
-
–में → बीच में, घर में
-
–ओर → चारों ओर, दूसरी ओर
इन प्रत्ययों को देखकर तुरंत पहचान की जा सकती है।
Rule 5: यदि शब्द संज्ञा या सर्वनाम नहीं, बल्कि क्रिया को modify करे → क्रिया विशेषण है
कभी-कभी भ्रम होता है कि शब्द संज्ञा है या क्रिया विशेषण।
बहुत सरल तरीका:
यदि शब्द संज्ञा को नहीं बल्कि क्रिया को प्रभावित करे → वह क्रिया विशेषण है।
उदाहरण:
-
वह अंदर गया।
→ “अंदर” ने “गया” (क्रिया) को modify किया → क्रिया विशेषण
Rule 6: यदि शब्द स्थान की स्थिति या दूरी बताए → वह भी स्थान वाचक क्रिया विशेषण है
जैसे —
पास, दूर, समीप, सामने, बीच में, चारों ओर
ये शब्द बताते हैं कि क्रिया किस स्थिति/दूरी में घटित हो रही है।
उदाहरण:
-
दुकान मेरे घर के पास है।
-
खिलाड़ी हमारे सामने दौड़ा।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण के 20 उदाहरण (Sthan Vachak Kriya Visheshan Ke 20 Udaharan)
-
-
वह स्कूल के बाहर बाहर खड़ा था।
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बच्चा मेज़ के नीचे छुप गया।
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हम कल वहाँ रुकेंगे।
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पंखा हमारे सिर के ऊपर घूम रहा है।
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तुम यहीं बैठो, मैं अभी आता हूँ।
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खिलाड़ी मैदान के सामने दौड़ रहे थे।
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बिल्ली कमरे के अंदर चली गई।
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वह भीड़ से थोड़ा दूर खड़ा था।
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नदी गाँव के बीच में बहती है।
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पंछी पेड़ के ऊपर बैठा था।
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कार घर के पास खड़ी है।
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लोग पार्क में चारों ओर फैले हुए थे।
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मजदूर छत के ऊपर काम कर रहा है।
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मोहन हमसे आगे चल रहा है।
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शिक्षक छात्रों के सामने खड़े थे।
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वह सड़क के किनारे बैठा था।
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तुम खाना मेज़ के ऊपर रख दो।
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हम रास्ते में कहीं रुक सकते हैं।
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लड़का दुकान के भीतर गया।
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सूर्य बादलों के पीछे छुप गया।
-
स्थान वाचक क्रिया विशेषण का रूप निर्माण (Sthan Vachak Kriya Visheshan Ka Rup Nirman)
स्थान वाचक क्रिया विशेषण कई स्रोतों से बनते हैं:
1. संज्ञा + पर → स्थान-सूचक रूप
-
ऊपर (उप + पर)
-
भीतर (भित + तर)
-
नीचे (नीच + ए)
2. विशेषण से निर्मित क्रिया विशेषण
-
पास (विशेषण: पास का → क्रिया विशेषण: पास)
-
दूर (दूर का → क्रिया विशेषण: दूर)
3. सर्वनाम + ही → बल देने वाले स्थान रूप
-
यहाँ + ही → यहीं
-
वहाँ + ही → वहीं
4. दिशा/स्थिति सूचक मूल शब्द
-
आगे, पीछे
-
ऊपर, नीचे
5. अव्यय रूप से बना पूरा स्थान-सूचक रूप
-
चारों ओर
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बीच में
-
सामने
ये रूप सदैव अपरिवर्तनीय होते हैं, इसलिए इन्हें समझना आसान है।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण के उपयोग (Sthan Vachak Kriya Visheshan Ke Upyog)
2025 में हिंदी शिक्षा सिस्टम में व्यावहारिक भाषा प्रयोग पर फोकस है।
स्थान वाचक क्रिया विशेषण का उपयोग —
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वर्णनात्मक लेखन
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कहानी लेखन
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दैनिक संवाद
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परीक्षा के व्याकरण खंड
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अनुवाद व रचनात्मक लेखन
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञ राय —
Sthan Vachak Kriya Visheshan भाषा को जीवंत बनाने वाले सबसे उपयोगी व्याकरणिक घटकों में से एक है।
छात्र अक्सर इस विषय को कठिन समझते हैं, लेकिन असल में यह बेहद सरल है। बस ‘कहाँ?’ प्रश्न पूछने की आदत बना लें — 90% बार सही पहचान तुरंत हो जाएगी।”
निष्कर्ष
Sthan Vachak Kriya Visheshan (स्थान वाचक क्रिया विशेषण) भाषा को दिशा, स्पष्टता और अर्थ की मजबूती देता है।
यदि आप रोजमर्रा की भाषा में इनका सही उपयोग सीख लेते हैं, तो आपकी लेखन और बोलने की क्षमता गुणात्मक रूप से बढ़ जाएगी।
याद रखें —
जहाँ क्रिया है, वहीं स्थान वाचक क्रिया विशेषण की जरूरत होती है।
Read Also:
Kaal Vachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha: उदाहरण, प्रकार और नियम (2025)
Ritivachak Kriya Visheshan Ki Paribhasha: उदाहरण, प्रकार और नियम (2025)
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. Sthan Vachak Kriya Visheshan क्या बताते हैं?
यह बताते हैं कि क्रिया कहाँ, किस स्थान, किस दिशा या किस स्थिति में हो रही है।
2. क्या “ऊपर” और “नीचे” हमेशा स्थान वाचक क्रिया विशेषण होते हैं?
अधिकतम स्थितियों में हाँ। दोनों दिशा/स्थान का बोध कराते हैं, इसलिए ये सामान्यतः स्थान वाचक क्रिया विशेषण होते हैं।
3. “यहीं” और “वहीं” किस प्रकार के क्रिया विशेषण हैं?
ये स्थान वाचक क्रिया विशेषण हैं, क्योंकि ये सटीक स्थान बताते हैं और “कहाँ?” का उत्तर देते हैं।
4. क्या स्थान वाचक क्रिया विशेषण वाक्य में बदलते हैं?
नहीं। ये अपरिवर्तनीय होते हैं — इनके रूप आमतौर पर नहीं बदलते।
5. कैसे पहचानें कि कोई शब्द Sthan Vachak Kriya Visheshan है?
क्रिया पर “कहाँ?” का प्रश्न करें। जो शब्द उत्तर दे, वही स्थान वाचक क्रिया विशेषण है।
6. क्या “पास” और “दूर” भी स्थान वाचक क्रिया विशेषण हैं?
हाँ, क्योंकि ये दूरी और स्थिति बताते हैं — यानी क्रिया कहाँ हो रही है।
7. प्रतियोगी परीक्षाओं में इस विषय से क्या पूछा जाता है?
अक्सर वाक्य में स्थान वाचक क्रिया विशेषण पहचान, रिक्त स्थान भरना, और वाक्य-संशोधन वाले प्रश्न पूछे जाते हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। सभी उदाहरण छात्रों की समझ को ध्यान में रखते हुए सरल किए गए हैं। किसी भी प्रकार के आधिकारिक पाठ्यक्रम का विकल्प नहीं हैं।
